

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड हिनदी साहित्य संस्कृति मंच की ओर से जिस कार्यक्रम का इंतजार साल भर रहता है वह आज हर्षोउल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में स्वागत तथा सम्मान सबकुछ होलियाना अंदाज में किया गया। राजधानी रांची के सिटी पैलेस होटल के प्रेक्षागृह में आज मंच का बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम वसंतोत्सव, 2022 – आओ चलें खेलन होरी धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर परम महामूर्ख शिरोमणि से नवाजे गये मंच के संरक्षक विनय सरावगी ने सबको शुभकामना देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के पश्चात् इस तरह मिलना तथा होली के आनंद में डूबना सुखद है। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत तथा सम्मान सबकुछ होलियाना अंदाज में किया गया। मंच के सचिव राकेश रमण ने सभी के चेहरों पर रंग बिरंगे गुलाल से चित्रकारी की तथा उत्तरीय पहनाकर सबके विशेष अंदाज वाली तस्वीरें उतारी गयीं।श्रीमती कल्याणी झा कनक की सरस्वती वंदना तथा श्री सूरज श्रीवास्तव के भजन गायन से कार्यक्रम आरम्भ किया गया।
श्री विनोद सिंह गहरवार ने अनूठे अंदाज में संरक्षक महोदय, अध्यक्ष श्री कामेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव श्निरंकुशश्, उपाध्यक्ष श्री निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, श्री विजय राजगढिय़ा, श्री कामेश्वर कुमार श्कामेशश्, श्रीमती घटा गिरि, श्रीमती कल्याणी झा श्कनकश् तथा श्रीमती ममता मनीष सिन्हा का विभिन्न होलियाना पदों से अभिषेक करते हुए मंच पर आसीन कराया। इसके उपरान्त मंच के द्वारा एक बड़ी फूलगोभी को मंच संचालन सौंपा गया।
यह एक नवीन प्रयोग था जिसमें गोभी पकड़ कर अपनी रचना का पाठ करने के बाद कवि स्वयं अपनी पसंद के अगले कवि को गोभी सौंपता जा रहा था। इससे बहुत रोचक अंदाज में होली के गीतों की गंगा बह निकली जिसमें मंचासीन अतिथियों के अलावा श्री असित कुमार, श्रीमती प्रतिभा सिंह, सुनीता कुमारी, डॉ० मंजु सिन्हा, रेणु झा रेणुका, अंकिता सिन्हा, शिल्पी यादव, लीलावती देवी, डॉ० निराला पाठक, राजेन्द्र सिंह, शिवनंदन सिन्हा, कमलेश्वर प्रसाद, जवाहर साह, शिवचन्द्र प्रसाद, मनीष कुमार सिन्हा, सुरेश प्रसाद, कृष्ण गोपालका, नरेश बंका, अशोक गोप, नेहाल सरैयावी तथा कृष्ण श्रीवास्तव ने सिरकत की। सभी कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना सुनायी। सहभोज के साथ एक अति आनंदमय वातावरण में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
