

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: इनक्यूबेशन सेंटर शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल को बढ़ावा देगा और इससे समाज और राष्ट्र को लाभ होगा। सरला बिरला विश्वविद्यालय रांची के इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन भारतीय प्रौद्योगिकी उद्यमी तथा व्हाइटहैट जूनियर के संस्थापक सह सीईओ एवं डिस्कवरी नेटवर्क के एक्स सीईओ श्री करण बजाज ने किया। श्री करण बजाज भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु से एमबीए एवं बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं। उन्होंने 2016 से 19 तक डिस्कवरी नेटवर्क के सीईओ के रूप में मुंबई में कार्य किया है। वे कीप ऑफ द ग्रास, जॉनी गौन डाउन, द सीकर जैसे उपन्यास के रचनाकार भी हैं। विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर खोलने का उद्देश्य शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल को बढ़ावा देना, उद्यमशीलता की भावना का विकास करना एवं छात्रों के मन में अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा आत्मनिर्भर बनने एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान करने हेतु प्रेरित करना है।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफ़ेसर गोपाल पाठक में कहा कि अपने छात्रों, संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों के न्वानमेशी विचारों को विकसित करने व उद्यमशीलता निर्माण करने के लिए एक पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण करने यथा स्टार्टअप ज्ञान का पोषण करने के लिए अवसर प्रदान करना है ताकि हमारे छात्र रोजगार की चुनौतियों से न केवल सामना कर सके वरण उसका उपयुक्त समाधान करते हुए समाज का उचित सहयोग भी करें। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में इनक्यूबेशन सेंटर खोले जाने की सराहना की है तथा उन्होंने कहा है कि इससे आने वाले दिनों में स्टार्ट-अप, स्वरोजगार, उद्यमिता आदि के क्षेत्र में काफ़ी कुछ सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
इस अवसर पर वेल्डन डॉट इन के डायरेक्टर श्री समीर मिश्रा, आईडीसीएल के डायरेक्टर श्री दुष्यंत सिंह, बांजूस के को-फाउंडर श्री प्रशांत दयाल, पेलोकल के को-फाउंडर श्री विवेकानंद त्रिपाठी, आरएंडी सिमेंस के जनरल मैनेजर श्री अभिनव शंकर, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर विजय कुमार सिंह, प्रोफेसर श्रीधर बी दंडीन, प्रोफ़ेसर संजीव बजाज, प्रो अमित कुमार गुप्ता, डॉ मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ संदीप कुमार, डॉ पार्थ पॉल, डॉ राधा माधव झा, डॉ रिया मुखर्जी, डॉ मृदानिष झा, डॉ मेघा सिन्हा, डॉ पूजा मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
