झारखंड के सबसे बड़े औद्योगिक जिले सरायकेला में अमलगम स्टील नाम की निजी कंपनी ने गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को का जीर्णोद्धार करने का जिम्मा अपने ऊपर लिया है हालांकि यह एक ऐतिहासिक कदम है।आपको बता दें कि झारखंड में पहली बार कोई निजी कंपनी क्षेत्रवासियों को निजी अस्पतालों की सुविधा बिना पैसे खर्च किए सरकारी अस्पताल में देने जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ भी बहुत ही जोर- शोर से किया गया; जहां मौके पर झारखंड सरकार के मंत्री चंपई सोरेन, सरायकेला उपायुक्त अरवा राजकमल, नगर निगम के अपर आयुक्त गिरजा शंकर, गम्हरिया अंचल अधिकारी मनोज कुमार एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी मारुति मिंज मौजूद रहीं।लेकिन इन तमाम मामलों के बीच जो सबसे बड़ी बात यह रही कि ठीक अस्पताल परिसर के पास बीते 30 साल से अवैध स्क्रैप टाल संचालित हो रहा है।जिसकी खबर उचित पदाधिकारियों के होने के बावजूद उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है बीते दिनों कुछ दिनों पहले उक्त स्थान से सटे मुख्य मार्ग के दूसरी तरफ एक स्क्रैप व्यवसाई की सुबह-सुबह हत्या कर दी गई थी जिसे लेकर जिला पुलिस आज तक किसी भी खुलासे पर नहीं पहुंच पाई है हालांकि कई न्यूज़ एजेंसीओं द्वारा कई प्रकार के खुलासे भी करते देखे गए हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि जब स्वास्थ्य सुविधा देने वाले अस्पताल के सामने ही अवैध काम धड़ल्ले से चल रहा हो तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन दोनों आंखें मूंदकर देखने की कोशिश कर रहा है या फिर कोई दूसरी बड़ी घटना होने का इंतजार कर रहा है?
