सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची के सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजिनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ग्रीन टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल एनवायरमेंट विषय पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हुआ आयोजन

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची : सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची के सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजिनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ग्रीन टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल एनवायरमेंट विषय पर 26 सितम्बर से चल रहे पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गोपाल पाठक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। प्रोग्राम का उद्देश्य रिसर्चर्स और फैकल्टी मेंबर्स की इंजीनियरिंग में प्रौद्योगिकी में सस्टेनेबिलिटी आदि की आवश्यकता से संबंधित ज्ञान और विचार को बढ़ावा देना था। 55 प्रतिभागियों ने पांच दिवसीय इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया जिसमें देश भर के प्रतिभागी शामिल हुए। समापन सत्र के संबोधन में माननीय कुलपति प्रोफ़ेसर गोपाल पाठक ने ग्रीन टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल एनवायरमेंट की आवश्यकता पर बल दिया। आयोजन समिति एवं सभी वक्ताओं के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कार्यक्रम की सराहना की तथा पर्यावरण के प्रति सभी को सजग होकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए जाने की बात कही। इस पांच दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में कुल 11 व्याख्यान शामिल हुए, जिनमें से 2 वक्ता अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों यथा प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, यूएसए के डिपार्टमेंट ऑफ सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजिनियरिंग के प्रो पीटर जैफ, और वाटरशेड मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन मेनेसोटा, यूएसए के डॉ उदय भान सिंह एवम प्प्ज्, छप्ज् और अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रख्यात वक्ताओं ने उक्त विषय पर अपना व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रीन टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल एनवायरमेंट के बुनियादी ढांचे का विकास व बहु-विषयक पहलुओं पर आधारित था। 26 सितंबर को आईआईटी जम्मू के डिपार्टमेंट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ सत्य शेकर ने हाइड्रोजन एनर्जी कैरियर प्रॉस्पेक्ट्स एंड चैलेंज विषय पर अपना व्याख्यान दिया। तथा एनआईटी मेघाल्य के डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ दिव्येंदु अदक ने इफ़ेक्ट ऑफ़ ग्राफीन ऑक्साइड ऑन अल्काईल एक्टिवेटेड कंक्रीट विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। 27 सितम्बर को मिसीसिपी, वॉटर शेड मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन के वाटर रिसोर्स डायरेक्टर डॉ उदय भान सिंह ने रोल ऑफ मल्टीडिसीप्लिनरी एजुकेशन फॉर नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट एंड ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर अपना प्रेरक व्याख्यान दिया। तथा एनआईटी राउरकेला के डिपार्टमेंट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ अंबरसू ने रोल ऑफ हिट एक्सचेंजर इन मेटल हाइड्राइड बेस्ट हाइड्रोजन स्टोरेज सिस्टम पर अपना महत्त्वपूर्ण व्याख्यान दिया। 28 सितंबर को एनआईटी जमशेदपुर के डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ संजय कुमार ने अल्टरनेटिव बिल्डिंग मैटेरियल्स अपना विस्तृत जानकारी साझा की। तथा डॉ वी एन लक्ष्मी दुर्गा ने थर्मल एनर्जी स्टोरेज मैटेरियल्स टॉपिक पर अपनी जानकारियां साझा की एवम प्रिंसटन यूनिवर्सिटी कैलिफोर्निया, यूएसए के प्रोफेसर पीटर जैफ ने डेफ्लोरिनेशन के बारे में विस्तृत चर्चा की। 29 सितंबर के सत्र में प्रोफ़ेसर गोपाल पाठक ने फ्लोराइड कंटामिनेशन इन ग्राउंड वाटर- एन ओवरव्यू टॉपिक पर अपना व्याख्यान दिया एवम पांडिचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ कार्तिक सलवा कुमार ने सस्टेनेबल एनर्जी हार्वेस्टिंग टेक्निक्स पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतिम दिन बीआईटी मेसरा, डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ नरेश कुमार ने सस्टेनेबल एनवायरमेंट थ्रू मॉनिटरिंग एंड एसेसमेंट थीम पर अपने विचार साझा किए तथा डॉ एस जीवा चिदंबरम ने ग्रीन बिल्डिंग्स टॉपिक पर अपने जानकारियां साझा की।

इस अवसर पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में सहभागी सभी प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रोफ़ेसर गोपाल पाठक एवं कुलसचिव डॉ विजय कुमार सिंह के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने पांच दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की सफलता पर शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि एफडीपी माध्यम से शिक्षक आधुनिक आवश्यकता के अनुरूप अपनी दक्षता और कौशल को विकसित करने में सक्षम हो सकेंगे । समापन सत्र के संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर विजय कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों को फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से ही हम एक दूसरे के विचारों से परिचित होते हैं तथा ज्ञान के प्रसार के साथ राष्ट्र को विकास के मार्ग पर आगे ले जाने में सहभागी भी बनते हैं। आयोजन समिति एवं सभी अतिथियों का स्वागत भाषण एवम सत्र का संचालन मैकेनिकल इंजीनियरिंग की सहायक प्राध्यापक प्रोफ़ेसर राजीव रंजन द्वारा किया गया। तथा धन्यवाद ज्ञापन की औपचारिकता डॉ वी एन लक्ष्मी दुर्गा द्वारा पूरी की गई।सरला बिरला विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग के सहायक प्राध्यापक डॉ एस जीवा चिदंबरम द्वारा पूरे कार्यक्रम का कनक्लूडिंग रिमार्क्स प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो विजय कुमार सिंह, प्रो अमित गुप्ता, डॉ राधा माधव झा, डॉ रिया मुखर्जी, डॉ नित्या गर्ग, डॉ पार्थ पॉल, प्रो सागर सारंगी, प्रो प्रशांत कुमार, डॉ पंकज कुमार, प्रो मोतोशी साहा, डॉ भारद्वाज शुक्ल, अनुभव अंकित आदि उपस्थित थे।

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