मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची : पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री एवं संवैधानिक संस्थाओं द्वारा प्रताड़ित किये जाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव, फिरोज रिजवी मुन्ना, रमेश उरांव के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने मौन सत्याग्रह मार्च निकाला। अनोखे अंदाज में प्रधानमंत्री के कटआउट लेकर जिसमें किस प्रकार से संवैधानिक संस्थाओ को कुचला जा रहा है इसे दर्शाया गया है। प्रधानमंत्री के ऊपर पॉकेट में सीबीआई,सीभीजी,बायें पॉकेट में चुनाव आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व लोकपाल एवं लोकायुक्त को रखते हुए दिखाया गया है,दायें पॉकेट में केन्द्रीय सूचना आयोग एवं केन्द्रीय सतर्कता आयोग तथा पैरों तले लोकतंत्र एवं संविधान को दर्शाते हुए कहा गया है कि यही हमारे प्रधानमंत्री जी की पहचान है। पूर्वाह्न 11.30 बजे कांग्रेस नेताओं ने विवेकानन्द चौंक से मौन सत्याग्रह मार्च निकाला और लगभग एक किलोमीटर मार्च करने के उपरान्त 12.30 बजे अपराह्न अम्बेडकर चौंक पहुंचकर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मौन सत्याग्रह मार्च की समाप्ति की गई एवं अम्बेडकर चौंक पर एक छोटी सभा आयोजित कर आम जनों को वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से अवगत कराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे ने कहा एक राजनीतिक षड्यंत्र के साथ राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त की गई है, जहां तक चुनावी भाषणों के दौरान आरोप प्रत्यारोप पर मानहानि एवं सजा के प्रावधानों का मामला है तो अगर इस प्रकार के भाषण पर सजा होने लग जाए तो शायद जेल में जगह कम पड़ जाएंगे और अगर इसमें जेल जाने की नौबत है तो सबसे पहले अमित शाह जी को जाना चाहिए जिन्होंने चुनावी भाषणों के दौरान देश की जनता से कई वादे किये और बाद में उसे जुमला करार दिया जो पूरी तरह से 420, का मामला बनता है। सच यह है कि यह एक कानूनी लड़ाई नहीं है,यह एक राजनीतिक संघर्ष है जिसका पुरजोर मुकाबला किया जाएगा। उन्होंने कहा माननीय सुप्रीम कोर्ट का ईडी को लेकर दिया गया स्पष्ट निर्देश इस बात को प्रमाणित करता है कि किस प्रकार केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं को अपने हिसाब से चलाना चाहती है।
कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा भारत जोड़ो यात्रा ने राहुल गांधी को देश का लोकप्रिय एवं विश्वसनीय नेता के तौर पर स्थापित किया है,। 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी एकता से प्रधानमंत्री की बेचैनी और घबड़ाहट साफ दिखाई दे रही है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी,गिरती अर्थव्यवस्था,सीमा पर असुरक्षित भारत जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री पूरी तरह से घिर चुके हैं। मणिपुर की घटना डबल इंजन की सरकार के कुशासन का जीता जागता उदाहरण है। इन सब मुद्दों पर राहुल गांधी की बेबाक आवाज सरकार को नागवार गुजरती है।केन्द्र सरकार के सारे संसाधन ,सारी एजेंसियां एक व्यक्ति को चुप कराने की कोशिश में लगी हुई है। राहुल गांधी के साथ पूरा देश आज खड़ा है और आन्दोलन कर रहा है।
कांग्रेस नेता रमेश उरांव ने कहा अडानी समूह के 38 विदेशी कंपनियों से व्यापारिक संबंध होने के आरोप,अडानी के जरिए रक्षा क्षेत्र में फर्जी कंपनी की
घुसपैठ,नियम बदलकर अडानी को फायदा पहुंचाने के आरोप पर देश की जनता को जवाब देने के बजाय राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त किया है,जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
कांग्रेस नेता फिरोज रिजवी मुन्ना ने कहा पिछले 30 वर्षों से भाजपा नेहरू और गांधी परिवार को बदनाम करने का षड़यंत्र कर रही है, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के ऊपर ₹65 हजार करोड़ रुपये बोफोर्स तोप में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे जिसे माननीय न्यायालय ने आरोप मुक्त किया, वही कारगिल युद्ध के जवानों ने राजीव गांधी अमर रहे के नारे लगाए। तब से लेकर आज तक भ्रष्टाचार का राग अलापने वाले भाजपा नेता यह साबित नहीं कर पाए कि 75 वर्षों में इस परिवार के किसी सदस्य के ऊपर भ्रष्टाचार की संलिप्तता नहीं रही।इतना ही नहीं शहादत के परिवार के सदस्य राहुल गांधी को देशद्रोही एवं मीरजाफर तक कहा जा रहा है, प्रधानमंत्री और गिरिराज सिंह जैसे तमाम नेताओं को बताना चाहिए कि क्या राहुल गांधी देशद्रोही हैं, क्या इनके ऊपर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। आज के मौन सत्याग्रह मार्च में रंजीत महतो, बबलू वर्मा,लालजी प्रसाद,हरेराम यादव,ऋषि कुमार, लक्की महतो,मंजू देवी,प्यारी टोप्पो,किरण तिर्की, वीरेन्द्र कुमार,सुमन तिर्की,प्रभा देवी,विजय तिर्की,साजन अंसारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
