मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: मार्क्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी के युवा नेता और तीन बार हटिया से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके सुभाष मुंडा की हत्या के बाद रांची बंद के दौरान ग्रामीण इलाकों में दुकानें और स्कूलों को बंद रखा गया है। आज रांची बंद का कई इलाकों में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। नगड़ी, दलादली चौक और कटहल मोड़ समेत अन्य इलाकों में लोग सड़क जाम कर जोरदार तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस दौरान कई स्थानों पर सड़क पर आगजनी कर आवागमन को बाधित कर दिया गया है। रांची पुलिस की ओर से हत्याकांड का उद्भेदन करने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। विशेष जांच दल में रांची के ग्रामीण एसपी, डीएसपी और कई पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। इस बीच सुभाष मुंडा हत्याकांड मामले में पुलिस को अपराधियों के बारे में कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आ रही है। पुलिस इस हत्याकांड में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातारी छापामारी अभियान चला रही हैं।रांची बंद को लेकर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। शहर के ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह पुलिस बलों की तैनाती की गई है। बंद का आह्वान आदिवासी-मूलवासी संगठनों की ओर से बुलाया गया है। बंद समर्थकों ने सड़क पर बांस और पेड़ की टहनियों को रखकर सड़क जाम करने की कोशिश की।
सुभाष मुंडा की हत्या के विरोध में रात दो बजे तक भीड़ से पुलिस जूझती रही। आक्रोशित भीड़ रात 2 बजे तक सड़क जाम कर उत्पात मचाते रहे। इस दौरान रांची डीआईजी और एसएसपी के मोर्चा संभालने के बाद 100 से ज्यादा जवान जब सड़क पर उतरे, तो भीड़ पर काबू पाया गया। भीड़ ने कई दुकानों को भी आग के हवाले कर दिया। वाहनों में तोड़फोड़ भी की। रांची सिटी एसपी के वाहन को भी निशाना बनाया गया।रांची डीआईजी और एसएसपी के पहुंचने के बाद भीड़ का गुस्सा कुछ शांत हुआ। पुलिस की ओर से भरोसा दिलाया कि अपराधी जल्द पकड़ लिए जाएंगे। उसके लिए टीम काम कर रही है। परिवार की मांग पर मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया और बुधवार देर रात ही सुभाष मुंडा का पोस्टमार्टम रिम्स में करवाया गया। घटना के संबंध में छानबीन में यह बात सामने आई है कि एक बाइक पर सवान तीन अपराधी दलादली स्थित माकपा नेता सुभाष मुंडा के कार्यालय पहुंचे। एक अपराधी बाइक पर बैठा रहा। जबकि दो अपराधी कार्यालय में घुसे और सुभाष मुंडा पर अंधाधुंध सात-आठ राउंड फायरिंग कर दी। दोनों शूटर चेहरे को ढंके हुए थे। गोली मारने के बाद दोनों कार्यालय से निकले और बाइक स्टार्ट कर बैठे अपराधी के साथ फरार हो गए।
माकपा के युवा नेता सुभाष मुंडा पार्टी टिकट पर तीन बार हटिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। इस दौरान वे दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। पिछली बार सुभाष मुंडा ने मांडर विधानसभा क्षेत्र से भी उपचुाव लड़ा। उनकी मां भिखन देवी 2010 से लेकर 1014 तक नगड़ी पंचायत से मुखिया निर्वाचित हुई थी। जबकि उनके पिता ललित मुंडा भी मुखिया रहे। जबकि भाई सुरेश मुंडा 2015 से 2022 तक रातू प्रखंड के प्रमुख रहे। माकपा नेताओं ने सुभाष मुंडा की हत्या को युवाओं के राजनीति में रोकने की कोशिश भी मान रहे हैं। हालंाकि सुभाश मुंडा की हत्या में जमीन विवाद की भूमिका की भी पुलिस मुख्य केन्द्र बिन्दू में मानकर तप्शीश कर रही है।
