
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: अक्सर सरकारी अधिकारियों पर किसी दल विशेष के पक्ष में काम करने का आरोप लगता ररहा है। लेकिन कोई अधिकारी किसी राजनीतिक दल के विजय जूलूस में षामिल होकर ठुमके लगाये तो इसे क्या कहा जाये। भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल न्यायिक मामले के प्रमुख सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व मे चुनाव आयोग पहुँच कर दुमका सांसद के विजय जुलूस मे नाचने वाले थाना प्रभारी की बर्खास्त करने की मांग किया। सुधीर श्रीवास्तव ने कहा की पांच जून 24 को समय साढ़े चार बजे शाम, स्थान कुंडहित मुख्य सड़क पर दुमका लोक सभा से विजयी प्रत्याशी का विजय जुलूस था और उसमे नाला विधान सभा अंतर्गत जामताड़ा जिला के कुंडहित थाना प्रभारी सुरेश दुबे का सार्वजनिक नाच चल रहा था।
पूरे देश मे इस प्रकार का कोई पुलिस पदाधिकारी का किसी विजय जुलूस मे नाचने का पहली घटना है। भाजपा ने मांग किया की दरोगा जी जब अपने उम्मीदवार के जीतने पर इतना नाचे तो जीतने के पहले चुनाव के दौरान अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने के लिए क्या क्या डीलिंग किये यह भी सार्वजनिक होना चाहिए। थाना प्रभारी का काम विजय जुलूस मे विधि व्यवस्था देखना काम होता है न की विजय जुलूस मे नाचना। किस प्रकार झामुमो ने प्रशासन का उपयोग चुनाव मे किया है उसका उदाहरण मात्र है । अब तो जरूरत है की झामुमो एवं कांग्रेस के सभी पांचो जीते प्रत्याशियों का विजय जुलूस का वीडियो मंगाया जाय ताकि पता चले की कौन कौन प्रशासन के पदाधिकारी नाच रहे हैं ? साथ ही थाना प्रभारी सुरेश दुबे का पिछले तीन महीने का कॉल डाटा और व्हातसप चौट भी मंगाने का अनुरोध प्रतिनिधिमंडल ने किया है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग किया है की सुरेश दुबे को बर्खास्त करते हुए दुमका लोक सभा सीट पर पुनः चुनाव हो। इस प्रतिनिधिमंडल मे तारिक इमरान और सुबोधकांत भी शामिल थे।
