
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड में ईडी के छापेमारी के बाद अत्ततः ग्रामीण विकास मंत्री रहे आलमगीर आलम के इस्तीफा देने के बाद चम्पई मंत्रिमंडल में कांग्रेस के कोटे से मंत्री बनने के लिये नेताअेां की दिल्ली दौड़ शुरू हो गयी है। कांग्रेस के जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी इस दौड़ में सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं। इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र से दुमका के इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी नलिन सोरेन ने बढ़त बनायी वहीं इरफान अंसारी ने चुनाव प्रचार के दौैेरान काफी मेहनत भी की। इस कारण भ्ज्ञी इरफान अंसारी मंत्री बनने की दौड़ में काफी आगे दिखाई दे रहे हैं।वहीं इरफान अंसारी मुस्लिम विरादरी से आते हैं इस कारण भी मुस्लिम कोटे की खाली हुई मंत्री पद के वह सबसे बड़े दावेदार दिखाई दे रहे है।
चंपई सोरेन मंत्रिमंडल में कांग्रेस कोटे के मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने सोमवार को अंततरू इस्तीफा दे दिया। तीन दिन पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने उनके सारे विभागों की जिम्मेदारी खुद ले ली थी। उनका इस्तीफा स्वीकार होने के बाद राजभवन भी पहुंच गया है, जहां इससे संबंधित सूचना कैबिनेट विभाग को दे दी गई है। इधर नए मंत्री के नाम पर कांग्रेस की ओर से बुधवार, 12 जून को लोकसभा चुनाव के परिणामों की समीक्षा के साथ ही चर्चा होगी। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि चर्चा के बाद ही नए मंत्री के नाम पर कोई निर्णय हो सकेगा।कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रियों की रेस में जामताड़ा के विधायक डा. इरफान अंसारी, महगामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह सहित कुछ नामों पर चर्चा चल रही है। इसके लिए लॉबिंग भी जोरशोर से जारी है। किसी वरीय विधायक को ही आलमगीर आलम के इस्तीफे से रिक्त पद पर मौका दिए जाने की पूरी संभावना है। उल्लेखनीय है कि आलमगीर आलम को ईडी ने कुछ दिन पूर्व निविदा कार्य आवंटन घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके सचिव संजीव कुमार लाल के ठिकाने से ईडी ने 35 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की थी। आलमगीर आलम फिलहाल जेल में हैं।
