
मुखर संवाद के शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजूल हसन अंसारी के षपथ लेने के तरीके का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा हैै। राजभवन में आयोजित षपथ ग्रहण के दौरान इस्लामिक षब्द के ाप्रयोग को लेकर आपत्ति जतायी जा रही हैै। भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल विधि प्रकोष्ठ सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व मे चुनाव आयोग पहुंचकर हफ़िजूल अंसारी की सदस्यता रद्द करने की मांग की। सुधीर श्रीवास्तव ने कहा की जिस प्रकार असंवैधानिक तरीके से श्री हफ़िजूल अंसारी ने मंत्री पद की शपथ ली उससे न तो वे अभी तक मंत्री हैं न ही वो कोई आदेश जारी कर सकते हैं।शपथ का यह नियम है की वो अंग्रेजी हिंदी या किसी भारतीय भाषा मे होना चाहिए परंतु श्री हफ़िजूल ने भारतीय भाषा का प्रयोग नहीं किया। जब शपथ ही असंवैधानिक हो गया तो मंत्री को सदन मे बोलने का अधिकार नहीं है और न ही वेतन आदि की सुबिधा ही मिलेगी इसके अलावा मंत्री के तौर पर वे कोई फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर पाएंगे। प्रतिनिधिमंडल मे सुधीर श्रीवास्तव और संजय चौधरी शामिल थे।
झारखण्ड राज्य में मंत्री ऐसे शपथ लेते हैं?
हम चुप नहीं बैठेंगे। राज्य के माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री @amarbauri जी ने माननीय राज्यपाल से अनुरोध किया है कि श्री हफीजुल हसन जी को कार्यभार ग्रहण न करने दें, क्योंकि यह शपथ अमान्य है और संविधान के विरुद्ध है। pic.twitter.com/c3sbQyhy7L
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 8, 2024
सोमवार को हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। झारखंड में पूर्व सीएम चंपाई सोरेन समेत 11 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। झारखंड मुक्ति मोर्चा से 6, कांग्रेस से चार और राष्ट्रीय जनता दल से एक विधायक ने शपथ ली है। मंत्री हफीजुल हसन के शपथ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शपथ की शुरुआत उन्होंने एक श्धार्मिक पंक्तिश्से की जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं, राष्ट्रगान के दौरान उनका कपड़े ठीक करते हुए वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है।हफीजुल ने श्धार्मिक पंक्तिश् के साथ शपथ की शुरुआत की। भाजपा ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए शपथ को असंवैधानिक करार दिया।
भाजपा ने राज्यपाल से अपील की है कि हसन को पदभार ना ग्रहण करने दिया जाए। असम के मुख्यमंत्री और झारखंड में भाजपा के सह-प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा ने हफीजुल का वीडियो शेयर करते हुए लिखा-श्झारखंड राज्य में मंत्री ऐसे शपथ लेते हैं? हम चुप नहीं बैठेंगे। राज्य के नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि हफीजुल हसन को कार्यभार ग्रहण न करने दें, क्योंकि यह शपथ अमान्य है और संविधान के विरुद्ध है।
