
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची:संस्कार भारती को भरतीय जीवन शैली में संस्कार को लेकर अग्रणी कार्य किये जाते हैं जिसके लिये हमेशा ही नयी पहल की जाती है। कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती की रांची महानगर इकाई की ओर से रांची में गुरुओं का सम्मान उनके द्वार पर किया गया। इस अवसर पर रांची के प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक श्री केदार पांडे,वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि श्री हरेराम त्रिपाठी चेतन जी तथा संगीत की दुनिया के प्रसिद्ध ग़ज़ल एवं सुगम गायन के चितेरे श्री सुजान पंडित जी का रोरी,चंदन एवं दीप जलाकर पूजन तथा आरती कर इन लोगों का शॉल, पुष्प,श्रीफल एवं फलों से सम्मान किया गया। गुरु शिष्य परंपरा को अक्षुण्ण रखने के संस्कार भारती रांची महानगर के इस पहल को तीनों गुरुओं ने प्रशंशनीय कार्य बताया ओर यह भी कहा कि संस्कारों की संवाहक संस्कार भारती रांची के द्वारा इस तरह के कार्यों से सामाजिक समरसता को स्थापित करने में सहूलियत होगी।उन्होंने संस्कार भारती के सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर संस्कार भारती रांची की ओर से संस्कार भारती झारखंड प्रान्त के अध्यक्ष सुशील अंकन,नाट्य संयोजक राकेश रमण, एवं संस्कार भारती रांची महानगर के उपाध्यक्ष आशुतोष प्रसाद,मंत्री शशिकला पौराणिक,कोषाध्यक्ष अनूप कुमार मजूमदार एवं प्रबंध कारिणी सदस्या कुमकुम गौड़ उपस्थित थीं। सदस्यों के अनुरोध पर संगीत गुरु आदरणीय सुजान पंडित जी ने ग़ज़ल एवं गीत को स्वर देते हुए सत्तर के दशक में अपनी गायकी के बिखेरे गए रंगों को जीवन्त कर दिया।उनकी आवाज़ में आज भी वही लोच,बहाव,खनक एवं साधना की निरंतरता का प्रवाह दिखा, जो उनके प्रारंभिक दौर के गायन में था। संस्कार भारती रांची महानगर के सदस्यों ने आगामी वर्षाे में रांची के अन्य विधाओं के कला गुरूओं को सम्मानित करने का संकल्प लिया।
