सरला बिरला विश्वविद्यालय में ट्रांसफॉर्मेशन यूजिंग डिजाइन थिंकिंग पर टॉक सीरीज का हुआ आयोजन

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय में सुपर सैटरडे फैकल्टी एंपावरमेंट टॉक सीरीज़ -भाग 5 के तहत आयोजित कार्यक्रम में आर. एन. नागराज प्रसाद (ऑपरेशंस हेड एशिया पैसिफिक, इंटेलेक्ट डिज़ाइन एरिना लिमिटेड) ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने ट्रांसफॉर्मेशन यूजिंग डिजाइन थिंकिंग विषय पर अपना वक्तव्य दिया। श्री प्रसाद ने कहा कि डिज़ाइन थिंकिंग एक ऐसा तरीका है जिससे हम नवीनतम सोच और विचारों के साथ समस्याओं का हल निकाल पाने में सक्षम हैं। उन्होंने बताया कि यह सोच न केवल नए उत्पाद बनाने में मदद करती है, बल्कि लोगों की ज़िंदगी और समाज में भी बदलाव लाती है।

अरविंद आई हॉस्पिटल, जयपुर फुट और व्हाट्सऐप का उदाहरण  देते हुए उन्होंने बताया कि डिज़ाइन के सिद्धांतों को अपनाकर बड़ी और अच्छी चीजों का निर्माण कर पाना संभव है। उन्होंने भारत में जुगाड़ की परंपरा का उल्लेख करते हुए इसे डिज़ाइन थिंकिंग का ही रूप करार दिया। डिज़ाइन की पांच ज़रूरी बातों, कौशल, अनुभव, सोचने का नजरिया, नया विचार और सही दिशा में काम करने का उल्लेख करते हुए बताया कि किसी नई चीज़ को लागू करने में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गगनदीप चड्ढा ने किया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर एसबीयू के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने नागराज प्रसाद का धन्यवाद करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के ज़रिए नई सोच और नवाचार को बढ़ावा देता रहेगा। सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक एवं राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया है।

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