झारखंड सरकार के दावे हुए फेल, अंसुता लकड़ा को भी देनी पड़ी घूस

झारखण्ड

रांची: झारखंड के अधिकारी कर्मचारी घूस लेने में किसी से भी कोताही नहीं करते। आप चाहे कितने ही बड़े शख्सियत हो आपका काम चढ़ावे के ििबना संभव ही नहीं। ें भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा को अरगोड़ा अंचल में अपनी जमीन की मालगुजारी रसीद कटवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा. वह इससे पहले भी दो बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगा चुकी हैं। लेकिन, रसीद नहीं कट पायी. तीसरी बार में उनकी जमीन की रसीद कट सकी, लेकिन इसके लिये उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस मामले में असुंता ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद तीसरी बार में मेरी जमीन की रसीद कट पायी है. उन्होंने बताया कि रसीद कटवाने को लेकर एक दलाल ने पांच हजार रुपये की मांग की थी।
मेरे पति ने उसे पांच हजार रुपये भी दिये लेकिन काम नहीं हो पाया. दो दिन पहले कैंप लगा था, वहां भी मेरे पति गये थे लेकिन, कर्मचारी रसीद काटने में आनाकानी करने लगे. रसीद नहीं कटने की सूचना जब भू-राजस्व सचिव केके सोन को मिली, तो उन्होंने तत्काल रांची उपायुक्त राय महिमापत रे को कहा. तब जाकर उनकी रसीद कट पायी. इधर, अरगोड़ा कर्मचारी केके वर्मा ने बताया कि असुंता लकड़ा की जमीन का खाता नंबर गलत दर्ज हो गया था, जिस वजह से परेशानी हो रही थी. लेकिन, थोड़ी देर बाद लगभग शाम चार बजे असुंता लकड़ा की जमीन की रसीद निर्गत कर दी गयी। काफी संख्या में लोगों ने लगान का भुगतान किया रू 27 जून को रांची जिले के विभिन्न अंचलों में हलकावार लगान भुगतान हेतु शिविर लगाया गया, जिसमें कई लोगों ने लगान का भुगतान किया. इस दौरान शिविर में आये मामलों का मौके पर ही निष्पादन भी किया गया। तीन दिनों तक चले इस शिविर में हेहल अंचल में सबसे अधिक 272 मामले आये. लेकिन, एक भी मामले का निष्पादन नहीं किया गया. वहीं, रातू अंचल में 133 मामले आये. इनमें से सात मामलों का निष्पादन किया गया. जबकि, शहर अंचल में 99 मामले आये. इनमें से 50 आवेदनों का निष्पादन किया गया। झारखंड सरकार के राजस्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा है कि मामले की जानकारी लिखित रूप से अंसुता लकड़ा को सरकार के समक्ष देनी चाहिये।

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