
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के एक साल पूरे होने के बाद अब झारखंड प्रदेश भाजपा ने संगठन को नई धार देने और कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतारने का मेगा प्लान तैयार किया है। नए साल के पहले सप्ताह में ही पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में है। इस अभियान के केंद्र में नगर निकाय चुनाव और अफसरशाही जैसे मुद्दे होंगे। बीजेपी की ओर से नगर निकायों पर हल्ला बोल कार्यक्रम तय किया गया है। 5 से 8 जनवरी तक प्रदर्शन सभी जिलों में प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया गया है। निकाय चुनावों में हो रही देरी को भाजपा ने बड़ा मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश भाजपा 5 जनवरी से 8 जनवरी तक राज्य के सभी 49 नगर निकायों के कार्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन करेगी। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू के अनुसार, राज्य में अफसरशाही हावी है और चुने हुए जनप्रतिनिधियों (पार्षद, मेयर आदि) के न होने से नगर निकायों में मनमानी और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। भाजपा इस प्रदर्शन के जरिए सरकार पर जल्द चुनाव कराने का दबाव बनाएगी।आंदोलन के साथ-साथ भाजपा केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी जन-जन तक पहुंचाएगी। 8 जनवरी से भाजपा कार्यकर्ता मंडल स्तर पर उतरकर लोगों को जी राम जी योजना की खूबियों के बारे में जानकारी देंगे। प्रदेश नेतृत्व ने सभी जिला इकाइयों को विशेष निर्देश जारी कर दिए हैं। इस अभियान में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के सभी दिग्गज नेता अलग-अलग क्षेत्रों में शामिल होंगे। संगठन को मजबूती देने के लिए भाजपा के नए जिलाध्यक्षों की सूची लगभग तैयार है। हालांकि, 24 जिलों के नामों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन सिमडेगा, धनबाद और चतरा जिलाध्यक्षों के नाम पर अंतिम फैसला न हो पाने के कारण पूरी सूची अटकी हुई है। अंदरूनी पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलते ही कभी भी जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान किया जा सकता है।
