मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार धर्म के आधार पर अन्याय कर रही है। हमारे झारखंड की बेटी, धनबाद जिले के बाघमारा निवासी अनु कुमारी ने चीन में आयोजित पेंटाथलॉन/लेज़र रन में कांस्य पदक जीतकर देश का और अपने राज्य का नाम रोशन किया था। राज्य सरकार ने नौकरी और इनामी राशि देने की बड़ी-बड़ी घोषणा की थी, लेकिन आज तक नौकरी तो दुर पुरस्कार राशि भी नहीं मिली ! उन्होंने कहा है कि यदि कोई हिजाब नकाब पहनने वाला हो, तो हेमंत सोरेन की सरकार उसे 3 लाख रुपए प्रति महीने की नौकरी ऑफर कर देती है, लेकिन जब झारखंड की आदिवासी, मूलवासी, दलित, गरीब, पिछड़ा परिवार की बेटी हो तो, सरकार उनका हक भी छीन लेती है। यदि बलात्कार जैसे जघन्य अपराध करने वाला आरोपी समुदाय विशेष से हो, तो उसके लिए हेमंत सोरेन की सरकार मुआवजे की घोषणा कर देती है, लेकिन दो अपहृत बच्चों को ढूंढ लाने वाले युवा बजरंग दल के कार्यकर्ता हों तो सरकार उनका भी क्रेडिट चुरा लेती है। झारखंड में युवा प्रतिभाओं के साथ धर्म, जाति और वोटबैंक के आधार पर अन्याय बंद होना चाहिए।
