
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
जमशेदपुर: जमशेदपुर में चर्चित कैरव गांधी अपहरणकांड से जुड़े आरोपियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन आरोपियों को गोली लगने की खबर है। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस टीम अपहरणकांड में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में छापेमारी शुरू की थी। इसी दौरान खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी, जिसमें तीन आरोपी घायल हो गए। घायल आरोपियों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने मौके से हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद किए जाने की भी पुष्टि की है। मुठभेड़ के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। कैरव गांधी अपहरणकांड ने शहर में काफी सनसनी फैला दी थी। इस मामले को लेकर आम जनता में रोष था और पुलिस पर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दबाव बना हुआ था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मुठभेड़ उसी कड़ी का हिस्सा है और पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून के दायरे में रहते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है और अपहरणकांड से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है। पुलिस का दावा है कि इस मुठभेड़ से मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है। घटना 13 जनवरी की है. वक्त दोपहर 11.30 बजे. कैरव गांधी घर से अपनी कार सवार होकर बिष्टुपुर के SBI बैंक और फिर आदित्यपुर में अपनी फैक्ट्री जाने के लिए निकले थे. जिसके बाद से वे लापता हो गए थे. परिवार ने काफी ढूंढ़ा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी. तलाशी के दौरान पुलिस को उनकी लावारिस कार झाड़ियों से बरामद हुई. पुलिस जांच में सामने आया था कि- अपराधियों ने एक स्कॉर्पियो वाहन का इस्तेमाल कर कैरव को जबरन अगवा किया. वारदात के लगभग 36 घंटे बीत जाने के बाद भी कैरव का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया.
