
मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़बोले सांसद निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर एक बड़ा और विवादास्पद दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के वेतन पर रोक लगने की संभावना जताते हुए राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप होने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मैइया सम्मान योजना’ को जिम्मेदार ठहराया है। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से कहा कि राज्य सरकार ने बिना ठोस वित्तीय प्रबंधन के योजनाएं लागू कीं, जिससे सरकारी खजाने पर अत्यधिक दबाव पड़ा है। उनका दावा है कि आर्थिक हालात इतने खराब हो चुके हैं कि मुख्यमंत्री तक का वेतन प्रभावित हुआ है।
सांसद दुबे ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई मैइया सम्मान योजना “लोकलुभावन राजनीति” का उदाहरण है। उनके अनुसार, इस योजना के कारण राज्य की वित्तीय व्यवस्था चरमरा गई है और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सिंचाई जैसी बुनियादी विकास योजनाएं ठप पड़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल योजनाओं की घोषणा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस विकास दिखाई नहीं दे रहा। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री के वेतन पर रोक लगाने संबंधी दावा पूरी तरह भ्रामक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य की वित्तीय स्थिति नियंत्रण में है और सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत भुगतान किए जा रहे हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मैइया सम्मान योजना से लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है और इसे विकास के विरुद्ध बताना महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर निकायों के आगामी चुनावों और राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस तरह के बयान और तेज होंगे। विपक्ष जहां सरकार को आर्थिक कुप्रबंधन के लिए घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे जनकल्याणकारी योजनाओं पर हमला बता रहा है। फिलहाल, निशिकांत दुबे के इस दावे ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और जनता की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों का औपचारिक और तथ्यात्मक जवाब किस तरह देती है।
