रामगढ़ में आज सांसद मनीष जायसवाल करायेंगें सामूहिक विवाह का आयोजन, गरीबों के लिये मसीहा बनकर आये मनीष जायसवाल

Jharkhand झारखण्ड देश बिहार राजनीति


मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रामगढ़: आज 8 फ़रवरी 2026 को सिद्धू-कान्हू मैदान में एक ऐतिहासिक सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल की अगुवाई में 101 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा। यह आयोजन गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के लिए एक बड़ा सामाजिक समर्थन एवं सम्मान का अवसर है। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल शादी कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य समाज के कमजोर वर्ग को सम्मानजनक जीवन-शुरूआत और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया में लगभग 450 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 101 जरूरतमंद जोड़ों को चयनित किया गया। गरीबी, अनाथता और अभिभावक-विहीनता जैसी परिस्थितियों को प्राथमिकता दी गई। इस पहल के ज़रिये बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, ताकि गरीब परिवारों की बेटियाँ बिना आर्थिक बोझ के विवाह कर सकें और जीवन की शुरुआत कर सकें।
सुबह लगभग 11 बजे फुटबॉल ग्राउंड से बारात निकलती दिखेगी, जिसमें 101 गाड़ियों के साथ गाजा-बाजा, ढोल-नगाड़े होंगे। सांसद खुद बारात का नेतृत्व करेंगे। विवाह संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों से प्रसिद्ध आचार्य पंडित राघव पांडेय द्वारा संपन्न कराया जाएगा। प्रत्येक नव-दंपत्ति को 23 प्रकार के उपयोगी उपहार दिए जाएंगे, जिनमें घरेलू सामग्री के अलावा रोजगार-सहयोगी साधन भी शामिल हैं, जैसे ई-रिक्शा इत्यादि, ताकि वे आत्मनिर्भर जीवन शुरू कर सकें।

आयोजन में भाजपा जिला अध्यक्ष, सांसद प्रतिनिधि और कई वरिष्ठ नेतागण शामिल हुए, जिन्होंने इसे सामाजिक समरसता और जन-सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इसके अलावा ज़मीन स्तर पर कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन भी किया गया, ताकि पंजीकरण की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। विशेषकर उन दुल्हनों को प्राथमिकता दी गई है जिनके पिता नहीं हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है। सांसद का यह कदम सामाजिक संवेदना और सेवा के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, जो गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। इस आयोजन से रामगढ़ क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द्य, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन-निर्माण के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *