
मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का “अबुआ दिशोम” बजट पेश करेंगे। यह बजट झारखंड के रजत जयंती वर्ष (राज्य स्थापना के 25 साल) के अवसर पर प्रस्तुत किया जा रहा है, इसलिए इसे विशेष महत्व दिया जा रहा है। झारखंड की हेमंतसरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर आज विधानसभा में बजट पेश करेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का आकार लगभग 1 लाख 55 हजार करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। यह पिछले वर्ष के 1.45 लाख करोड़ के बजट की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक होगी। यह अतिरिक्त राशि राज्य में नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार में खर्च की जा सकती है। बजट में महिलाओं पर खास फोकस रह सकता है। हेमंत सरकार की महत्वाकांक्षी श्मंईयां सम्मान योजनाश् के सुचारू संचालन के लिए बजट में भारी-भरकम राशि आवंटित किए जाने की पूरी संभावना है। मंईयां उद्यम योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का खाका खींचा जा चुका है। इस बार के बजट का मुख्य आकर्षण महिला सशक्तिकरण रहने वाला है.. सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार महिलाओं की आय में वृद्धि करने के लिए एक नई योजना की घोषणा कर सकती है। इसके तहत महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने या उसे विस्तार देने के लिए एकमुश्त 20 हजार रुपये का लोन देने का प्रावधान किया जा सकता है। झारखंड सरकार के पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने मुफ्त बिजली के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर मध्यम वर्ग और गरीबों को बड़ी राहत दी थी। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे, सिंचाई और पेयजल जैसी ग्रामीण परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया था, ताकि पलायन को रोका जा सके। 2026-27 का बजट इसी श्विकास और कल्याणश् के संतुलन को आगे बढ़ाने की चुनौती के साथ आएगा।
वहीं झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा बजट सेशन में आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया की 2021-22 के मुकाबले 2025-26 में झारखंड का जीडीपी दोगनी हो चुकी है. सिर्फ इतना ही नहीं, प्रत्येक व्यक्ति की आय भी 1 लाख पार जा चुकी है। जैसे उन्होंने यह बात बोली जनता की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई। लोगों ने इसे बिल्कुल गलत बताया और कहा यह बस आंकड़ों का खेल है। इस पर हमें उलझाने की कोशिश ना करें।
