
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
जामताड़ा: एक ओर पूरे देश में एलीपीजी गैस् को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर आपदा में अवसर तलाश कर साइबर ठग लोगों को चून लगा रहे हैं। जामताड़ा जिले में साइबर अपराधी ठगी करने का विभिन्न तरीका अपनाते रहते हैं. रोज नई-नई तकनीक अपना कर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं. देश में चल रहे एलपीजी के किल्लत को लेकर साइबर अपराधियों ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है. जामताड़ा के साइबर अपराधी एलपीजी बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी करने लगे हैं. ऐसा ही एक मामला साइबर थाना की पुलिस ने उजागर किया है. साइबर थाना की पुलिस ने बिंदापाथर थाना क्षेत्र से दो और नारायणपुर थाना क्षेत्र के झलवा गांव से एक साइबर अपराधी को पकड़ा है. जो गैस बुकिंग करने के नाम पर साइबर ठगी को अंजाम देते थे. साइबर थाना की पुलिस ने पकड़े गए साइबर ठगों के पास से एक लाख रुपए नगद सहित तीन मोबाइल, फर्जी सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद किया है। पकड़े गए साइबर अपराधियों के बारे में बताया जाता है कि व्हाट्सएप पर लोगों को एलपीजी बुकिंग के नाम पर फर्जी मैसेज भेजते थे. इसके बाद एपीके फाइल डाउनलोड कर सारी गोपनीयता प्राप्त कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे.
इसके अलावा फर्जी बैंक का अधिकारी बनकर साइबर अपराध को भी अंजाम देते थे। साइबर थाना के प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार मंडल ने मामले का खुलासा किया। थाना प्रभारी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि बिंदापाथर थाना क्षेत्र में साइबर अपराधी ठगी को अंजाम दे रहे हैं। जिसके आधार पर टीम गठित कर छापेमारी की गई.गिरफ्तार अपराधियों में नयन मंडल, राहुल उरांव और जगदीश मंडल शामिल हैं। जहां से दो साइबर अपराधी को पकड़ा गया। फिर उसकी निशानदेही पर सूचना पाकर नारायणपुर थाना क्षेत्र के झलवा गांव से एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया।
