महिला आरक्षण पर बीजेपी का देशव्यापी अभियान, 11 अप्रैल से सड़कों पर उतरेगी बीजेपी महिला मोर्चा

Jharkhand उत्तरप्रदेश झारखण्ड देश राजनीति


मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: महिलाओं के लिये 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए बीजेपी देश भर में माहौल बनाने में जुट गई है। इसके लिए अगले सप्ताह संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें संविधान संशोधन बिल पारित कराए जाएंगे। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे महिला मतदाताओं को लुभाने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने संगठन को निर्देश गया है कि संसद में बिल पारित होने के ऐतिहासिक क्षण से पहले ही जन-जागरूकता और जन-समर्थन जुटाने के लिए 11 अप्रैल से देशव्यापी गतिविधियां शुरू कर दी जाएं। इसके तहत 11 से 13 अप्रैल के बीच देश के 100 प्रमुख शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी. बड़े शहरों में दो-दो प्रेस कांफ्रेंस होंगी। इसके साथ ही देश के 15 प्रमुख शहरों में टाउन हॉल कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इनमें समाज की प्रतिष्ठित महिला हस्तियां अपनी बात रखेंगी. पार्टी ने इस बार शक्ति प्रदर्शन के लिए एक अनूठी कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत 100 स्थानों पर होने वाले विशाल महिला सम्मेलनों के मंच पर केवल महिलाओं की ही उपस्थिति रहेगी और वक्ता भी महिलाएं ही होंगी। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां विपक्ष के नेता और केंद्रीय मंत्रियों को कमान सौंपी गई है। बीजेपी शासित राज्यों में स्वयं मुख्यमंत्री इन कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।

अभियान का समापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के संबोधन के साथ होगा। जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए 15 और 16 अप्रैल को प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में नारी शक्ति पदयात्रा निकाली जाएगी। इन पदयात्राओं का नेतृत्व मशहूर महिला हस्तियां और सेलिब्रिटीज करेंगी। इन यात्राओं में विशेष रूप से लखपति दीदी और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाली महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इसी दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं द्वारा बाइक रैलियां भी निकाली जाएंगी, ताकि संसद सत्र से पहले नारी शक्ति के इस अधिनियम के समर्थन में एक ठोस माहौल तैयार किया जा सके। बीजेपी सूत्रों के अनुसार प्रेस वार्ता में बताया जाएगा कि कैसे पिछले 11 वर्षों में पीएम मोदी की अगुवाई में महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न क़दम उठाए गए हैं। इनमें स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण शामिल है जिन्हें इज्जतघर का नाम दिया गया। इसी तरह महिलाओं को धुए से बचाने के लिए उज्जवला योजना शुरू की गई। हर घर नल से जल पहुँचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। यह भी बताया जाएगा कि कैसे विपक्ष महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़े अटका रहा है क्योंकि वह चाहता था कि आरक्षण को लेकर सरकार विधेयक अगले महीने लाए। बीजेपी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू में महिलाओं की राजनीति में सक्रिता का भी लाभ देाते हुए इस मुहिम को तेजी से जनता के बीच लाने का फैसला कर चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *