
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा की तैयारियों का शुभारंभ हो चुका है। रातू रोड स्थित आरआर स्पोर्टिंग दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष सनातन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा, संस्कृति और धार्मिक आस्था को केंद्र में रखकर भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जाएगा। शुक्रवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा पंडाल के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन के साथ ही समिति की ओर से इस वर्ष के दुर्गा पूजा आयोजन का औपचारिक शुभारंभ हो गया। समिति के संरक्षक ’’विक्की यादव’’ ने बताया कि इस बार पूजा पंडाल की परिकल्पना सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा से प्रेरित है। पंडाल का थीम ’’‘टेंपल टुगेदर’’’ रखा गया है। कोलकाता से आए अनुभवी कलाकारों की टीम इस थीम को आकार देगी। समिति का दावा है कि पंडाल न केवल भव्य और आकर्षक होगा, बल्कि इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन धर्म की आध्यात्मिक चेतना, मंदिर परंपरा और भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। भूमि पूजन के दौरान श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। समिति के पदाधिकारियों ने मां भगवती से पूजा आयोजन के निर्विघ्न संपन्न होने और राजधानीवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। भूमि पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं इस मौके पर भंडारें का भी आयोजन किया गया ।
आरआर स्पोर्टिंग का पूजा पंडाल प्रत्येक वर्ष श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है। ऐसे में इस वर्ष सनातन धर्म पर आधारित थीम को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है। समिति के अनुसार, पंडाल की सजावट और निर्माण में कोलकाता के कलाकार अपनी कलात्मक दक्षता का इस्तेमाल करेंगे। पंडाल की संरचना में भारतीय धार्मिक स्थापत्य और मंदिर संस्कृति की झलक देने का प्रयास किया जाएगा। रोशनी, सजावट और धार्मिक वातावरण के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति कराने की तैयारी है। दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी पर्व है। मां दुर्गा शक्ति, साहस और धर्म की प्रतीक मानी जाती हैं। महिषासुर मर्दिनी के रूप में देवी की आराधना बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देती है। आरआर स्पोर्टिंग समिति ने इस बार इसी भाव को सनातन धर्म की व्यापक अवधारणा के साथ जोड़ने की पहल की है।
‘टेंपल टुगेदर’ थीम के जरिए समिति सनातन परंपरा में मंदिरों के महत्व और उनकी सामाजिक भूमिका को सामने लाने की कोशिश कर रही है। भारतीय संस्कृति में मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं रहे हैं, बल्कि वे सदियों से समाज, कला, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र रहे हैं। ऐसे में पूजा पंडाल के माध्यम से इस परंपरा को प्रस्तुत करना श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक परिचय का माध्यम भी बन सकता है। समिति के संरक्षक विक्की यादव ने कहा कि पूजा आयोजन में धार्मिक भावनाओं के साथ सामाजिक समरसता का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। उनका कहना है कि मां दुर्गा की पूजा सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने का पर्व है। समिति की कोशिश रहेगी कि राजधानी के अधिक से अधिक श्रद्धालु पूजा पंडाल में पहुंचकर मां भगवती के दर्शन करें और सनातन संस्कृति की भव्यता का अनुभव करें।
भूमि पूजन के साथ ही पंडाल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने से रातू रोड और आसपास के इलाकों में दुर्गाेत्सव को लेकर उत्साह बढ़ गया है। आने वाले दिनों में पंडाल का आकार लेने के साथ इसकी भव्यता लोगों के सामने आने लगेगी। राजधानीवासियों को अब उस दिन का इंतजार है, जब मां दुर्गा भव्य पंडाल में विराजमान होंगी और पूरा क्षेत्र ’’‘जय माता दी’ तथा ‘जय मां दुर्गा’’’ के जयघोष से गूंज उठेगा। इस अवसर पर आर आर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रोहित यादव और महासचिव राहुल यादव भी मौजूद रहे।
