
रांची: झारखंड के शिक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों का ही बोलबाला है और गड़बड़ियां इस कदर हावी है कि छात्रों को आंदोलन की राह ही अपनानी पड़ती है तभी विश्वविद्यालय के प्रशासन पर कुछ असर हो पाता है। राज्य के बीएड कॉलेजों में अकादमिक सत्र 2019-20 के लिए दाखिले पर रोक लगा दी गई है। रांची विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को जारी की गई चयन सूची में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद किया गया। इस संबंध में रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को राज्य के सभी बीएड कॉलेजों को पत्र जारी कर कहा है कि जिस चयन सूची का प्रकाशन किया गया है, उसके आधार पर कोई नामांकन नहीं लें। अब नए सिरे से मेरिट के आधार पर सूची जारी होगी। रांची विवि ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से भी सोमवार को जारी की गई सूची को हटा लिया है। राज्य में पहली बार प्रवेश परीक्षा के आधार पर बीएड में दाखिला होना है। झारखंड में संयुक्त रूप से इसके लिए परीक्षा ली गई थी और नामांकन के लिए काउंसिलिंग का जिम्मा रांची विवि को मिला था। रांची विवि की ओर से जो चयन सूची जारी की गई, इसमें काफी गड़बड़ियां पाई गईं। जिन छात्रों का रैंक 8000 से 10000 था, उनका नाम सूची में था और जिनका 251, 500, 1943, 2400 रैंक था, उनका नाम ही नहीं था। दरअसल, आरयू ने जो सूची जारी की, वह च्वाइस के आधार पर थी। काउंसिलिंग में विद्यार्थियों को तीन कॉलेजों का विकल्प देना था, जबकि आरयू ने पहले विकल्प के आधार पर ही चयन सूची जारी कर दी। जिसके कारण बड़ी संख्या में ऊंची रैंक वाले विद्यार्थी नामांकन से वंचित रह गए।
रांची: झारखंड के शिक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों का ही बोलबाला है और गड़बड़ियां इस कदर हावी है कि छात्रों को आंदोलन की राह ही अपनानी पड़ती है तभी विश्वविद्यालय के प्रशासन पर कुछ असर हो पाता है। राज्य के बीएड कॉलेजों में अकादमिक सत्र 2019-20 के लिए दाखिले पर रोक लगा दी गई है। ऐसा रांची विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को जारी की गई चयन सूची में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद किया गया। इस संबंध में रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को राज्य के सभी बीएड कॉलेजों को पत्र जारी कर कहा है कि जिस चयन सूची का प्रकाशन किया गया है, उसके आधार पर कोई नामांकन नहीं लें। अब नए सिरे से मेरिट के आधार पर सूची जारी होगी। रांची विवि ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से भी सोमवार को जारी की गई सूची को हटा लिया है। राज्य में पहली बार प्रवेश परीक्षा के आधार पर बीएड में दाखिला होना है। झारखंड में संयुक्त रूप से इसके लिए परीक्षा ली गई थी और नामांकन के लिए काउंसिलिंग का जिम्मा रांची विवि को मिला था। रांची विवि की ओर से जो चयन सूची जारी की गई, इसमें काफी गड़बड़ियां पाई गईं। जिन छात्रों का रैंक 8000 से 10000 था, उनका नाम सूची में था और जिनका 251, 500, 1943, 2400 रैंक था, उनका नाम ही नहीं था। दरअसल, आरयू ने जो सूची जारी की, वह च्वाइस के आधार पर थी। काउंसिलिंग में विद्यार्थियों को तीन कॉलेजों का विकल्प देना था, जबकि आरयू ने पहले विकल्प के आधार पर ही चयन सूची जारी कर दी। जिसके कारण बड़ी संख्या में ऊंची रैंक वाले विद्यार्थी नामांकन से वंचित रह गए।
विभिन्न जिलों से आए छात्रों ने कल कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय का घेराव किया। छात्रों की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि आखिर किस आधार पर ऊंची रैंक वालों को नामांकन से वंचित किया गया। कई छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे को लेकर हंगामा किया, जिनमें एबीवीपी, आजसू और टेक्निकल छात्र संघ जैसे संगठन प्रमुख थे। 1943 रैंक प्राप्त छात्रा रत्नाप्रिया ने बताया कि उसने जमशेदपुर के कॉलेज में नामांकन में प्राथमिकता दी थी, लेकिन 4000 रैंक वाले का नामांकन हो गया, जबकि उन्हें नामांकन नहीं मिला। इस तरह बड़ी संख्या में दूसरे विद्यार्थियों भी गड़बड़ी की शिकायत की।
कुलपति ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्काल नामांकन पर रोक लगाने से संबंधी पत्र कॉलेजों व विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया। पत्र में सॉफ्टवेयर में त्रुटि का हवाला देते हुए चयन सूची रद्द करने की बात कही गई है। कुलपति ने विद्यार्थियों के साथ वार्ता में आश्वस्त किया कि चयन सूची नए सिरे जारी की जाएगी, जो मेरिट के आधार पर होगी। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म किया। कुलपति से वार्ता में एबीवीपी के श्यामानंद पांडेय, आजसू छात्र संघ के ओम वर्मा, आजसू छात्र संघ की सचिव ज्योत्सना केरकेट्टा, टेक्निकल छात्र संघ के बादल सिंह आदि शामिल थे। ज्योत्सना केरकेट्टा के अनुसार रांची विवि के प्रशासनिक गलतियों के कारण योग्य और मेधावी छात्रों का भविष्य अधर कमें लटक सकता है। इसे लेकर आजसू छात्र संघ लागातार आंदोलनरत है और आगे भी इसकी लड़ाई लड़ी जायेगी।
रांची विवि के कुलपति रमेश कुमार पांडे ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही जांच करके गड़बड़ियों को दूर करने का काम किया जायेगा।
विभिन्न जिलों से आए छात्रों ने कल कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय का घेराव किया। छात्रों की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि आखिर किस आधार पर ऊंची रैंक वालों को नामांकन से वंचित किया गया। कई छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे को लेकर हंगामा किया, जिनमें एबीवीपी, आजसू और टेक्निकल छात्र संघ जैसे संगठन प्रमुख थे। 1943 रैंक प्राप्त छात्रा रत्नाप्रिया ने बताया कि उसने जमशेदपुर के कॉलेज में नामांकन में प्राथमिकता दी थी, लेकिन 4000 रैंक वाले का नामांकन हो गया, जबकि उन्हें नामांकन नहीं मिला। इस तरह बड़ी संख्या में दूसरे विद्यार्थियों भी गड़बड़ी की शिकायत की।
कुलपति ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्काल नामांकन पर रोक लगाने से संबंधी पत्र कॉलेजों व विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया। पत्र में सॉफ्टवेयर में त्रुटि का हवाला देते हुए चयन सूची रद्द करने की बात कही गई है। कुलपति ने विद्यार्थियों के साथ वार्ता में आश्वस्त किया कि चयन सूची नए सिरे जारी की जाएगी, जो मेरिट के आधार पर होगी। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म किया। कुलपति से वार्ता में एबीवीपी के श्यामानंद पांडेय, आजसू छात्र संघ के ओम वर्मा, आजसू छात्र संघ की सचिव ज्योत्सना केरकेट्टा, टेक्निकल छात्र संघ के बादल सिंह आदि शामिल थे। रांची विवि के कुलपति रमेश कुमार पांडे ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही जांख्च करके गड़बड़ियों को दूर करने का काम किया जायेगा।
