मुखर संवाद के लिये विशु विशाल की रिपोर्टः-
रांची: आजूस के स्थापना दिवस के मौके पर अध्यक्ष सुदेश महतो अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह और नये जोश भरने का भरपूर प्रयास किया। आजसू के कार्यकर्ताओं को नये झारखंड बनाने के लिये काम करने का आहफवान किया है। आजसू ने सोमवार को अपना 34 वां स्थापना दिवस संकल्प दिवस के रूप में हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में मनाया. इस अवसर पर पार्टी के सांसद विधायक और पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो मौजूद रहे. पार्टी कार्यालय से ही सुदेश महतो ने ऑनलाइन अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस संबोधन में सुदेश महतो ने कहां कि, आज की जो संकल्प है वह है स्टेट की कल्पनाओं को धरातल पर उतारना और इसी को फोकस करने का हमने अपने कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया है.सुदेश महतो ने पार्टी की स्थापना के मूल सिद्धांतों को बताते हुए, वर्तमान परिस्थितियों से अवगत कराते हुए सभी कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाते हुए कहा कि, हमें अपने राज्य के कल्पनाओं को धरातल पर उतारना है और इसी के लिए हम सबों को जुट जाना होगा। सुदेश महतो ने कहा कि, हम सभी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मानवीय मूल्यों को विशेष तौर पर ध्यान देते हैं और नियमित व्यवहार में आने वाले चीजों को हमें किस तरह से सुधार लाना है, इस पर नित्य दिन अध्ययन करने की जरूरत है और इस पर हमें फोकस करना होगा.आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि अब कोरोनावायरस का बहाना नहीं चलेगा। सरकार को आगे आकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि झारखंडी विचारधारा सिर्फ एक राजनीतिक स्लोगन बनकर रह गया है। इसे अपने निर्णयों और कार्यक्रमों में परिलक्षित करने की जरूरत है। सरकार के निर्णयों में विचारधाराओं को समाहित करना होगा। सोमवार को हरमू स्थित पार्टी मुख्यालय में आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो संकल्प सभा को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। सुदेश महतो ने कहा कि अलग झारखंड राज्य का सपना आज भी अधूरा है। यह कोरोना काल हमारे लिए चेतावनी का काल है। लाखों प्रवासी श्रमिक जो रोजी-रोटी के लिए राज्य से पलायन कर गए थे, उनकी घर वापसी हुई है। उन्हें रोजगार मुहैया कराना राजनीति और राजनेताओं के लिए चुनौती का विषय है। लोगों को रोजी-रोटी के लिए सोचना पड़ रहा है। अभी आरोप-प्रत्यारोप का वक्त नहीं बल्कि मूल्यांकन का वक्त है। हमें अब नए सिरे से राजनीति को बदलने की आवश्यकता है। लोक संपत्ति को निजी संपत्ति बनने से रोकना होगा।
