ईरान नहीं आगे आया बातचीत के लिये तो अमेरिकी PRESIDENT डोनाल्ड ट्रम्प ने बढ़ाई सीजफायर की अवधि

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Donald Trump, Sauli Niinisto. President Donald Trump speaks during a meeting with Finnish President Sauli Niinisto in the Oval Office of the White House, in Washington
Trump, Washington, USA – 02 Oct 2019

मुखर संवाद के लिये व्यूरो रिपोर्टः-
वॉशिंगटन डीसीः अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत तो हो नहीं पाई लेकिन थोड़ी राहत भरी खबर जरूर आ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान किया है. उन्होंने यह ऐलान तब किया जब पाकिस्तान में शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए आने से ईरान ने इनकार कर दिया और दो हफ्ते के सीजफायर को खत्म होने में सिर्फ एक दिन बाकी था. इस ऐलान से अमेरिका और ईरान की लड़ाई फिर से शुरू होने का खतरा फिलहाल टल गया है। ट्रंप ने सीजफायर तब बढ़ाया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के दूसरे दौर की तैयारी पाकिस्तान कर रहा था. लेकिन ईरान की बेरुखी की वजह से बातचीत नहीं हो पाई. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद निकलने वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर उनका दौरा भी टल गया.सीजफायर की घोषणा करते हुए ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया किया कि होर्मुज पर अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहेगी.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, ईरान की सरकार बुरी तरह से बंटी हुई है और इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर हमसे कहा गया है कि हम ईरान पर अपना हमला तब तक रोककर रखें जब तक कि उनके नेता या प्रतिनिधि कोई एक राय वाला प्रस्ताव लेकर नहीं आ जाते.श्उन्होंने आगे कहा कि इसलिए मैंने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वह नाकेबंदी जारी रखे और बाकी सभी मामलों में तैयार रहे. इसलिए मैं सीजफायर को तब तक बढ़ा रहा हूं, जब तक कि उनका प्रस्ताव नहीं आ जाता और बातचीत किसी न किसी नतीजे पर नहीं पहुंच जाती.। ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को भले ही अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है लेकिन होर्मुज में नाकाबंदी अभी भी जारी रहेगी. बातचीत के लिए ईरान के न आने की सबसे बड़ी वजह यही नाकाबंदी है।
सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने बताया है कि सीजफायर के बावजूद उन्होंने नाकाबंदी क्यों नहीं हटाई. उन्होंने दावा करते हुए कहा, ईरान नहीं चाहता कि होर्मुज स्ट्रेट बंद हो. वे चाहते हैं कि यह खुला रहे ताकि वे रोजाना 500 मिलियन डॉलर कमा सकें और अगर यह बंद होता है तो उन्हें इतना ही नुकसान होगा. वे सिर्फ यह कहते हैं कि वे इसे बंद करना चाहते हैं, क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है. इसलिए वे बस अपनी इज्जत बचाना चाहते हैं।

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