

लंदन: चार बार के विश्वकप विजेता आस्ट्रेलिया और एक बार की विश्वकप विजेता श्रीलंका के बीच आज मुकाबला होना है। पिछले चार मैचों में से तीन में जीत दर्ज करने वाला मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रहे श्रीलंका के खिलाफ आज होने वाले विश्व कप मैच में सेमीफाइनल में पहुंचने के अपने अभियान को गति देने की कोशिश करेगा। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान को हराया है लेकिन इस बीच उसे भारत से हार का सामना भी करना पड़ा। अब उसका सामना उस श्रीलंका से है जिसने न्यूजीलैंड से करारी शिकस्त झेलने के बाद अफगानिस्तान पर संघर्षपूर्ण जीत दर्ज करके वापसी की लेकिन इसके बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ उसके मैच बारिश की भेंट चढ़ गये. बारिश ने अभी तक विश्व कप में कहर बरपाया और चार मैचों का इस वजह से परिणाम नहीं निकल पाया है। ऑस्ट्रेलिया के लिये अच्छी खबर यह है कि ओवल में बारिश की बहुत अधिक संभावना नहीं जतायी गयी है और उसका मैच पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा. बादल छाये रहने की संभावना है जिसके कारण बल्लेबाजी के लिये अनुकूल पिच पर तेज गेंदबाजों को भी मदद मिल सकती है।
ऑस्ट्रेलिया की टीम इस मैच से अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक भी बढ़ने की कोशिश करेगी क्योंकि तीन जीत के बावजूद वह अभी तक वैसा खेल नहीं दिखा पायी है जैसी की उससे उम्मीद की जाती है। शीर्ष क्रम में डेविड वार्नर की अच्छी फार्म से आस्ट्रेलिया को मजबूती मिली है. बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने दो अर्धशतक के अलावा पाकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में 107 रन भी बनाये थे। कप्तान आरोन फिंच से भी टीम को बड़ी पारी की उम्मीद होगी जबकि स्टीव स्मिथ, उस्मान ख्वाजा और शान मार्श भी यहां की परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाने की कोशिश करेंगे।
ऑस्ट्रेलिया टीम में लेग स्पिनर एडम जंपा या आफ स्पिनर नाथन लियोन को अंतिम एकादश में रख सकता है और ऐसे में केन रिचर्डसन या नाथन कूल्टर नाइल में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ेगा. श्रीलंका के अब तक चार मैच हो चुके हैं जिनमें से उसे केवल दो में खेलने का मौका मिला जिनमें वह खास असर नहीं छोड़ पाया. उसके पास अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करके खुद को साबित करने का मौका है। बल्लेबाजी उसके लिये चिंता का विषय बनी हुई है और ऐसे में मिशेल स्टार्क एंड कंपनी के सामने उसके बललेबाजों की कड़ी परीक्षा होगी। वर्ल्ड कप में आज दो मैच होंगे। टूर्नामेंट का 20वां मुकाबला लंदन के केनिंग्टन ओवल पर ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। वहीं, दूसरा मुकाबला कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स पर अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आमने-सामने होंगी। अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया दूसरे, श्रीलंका पांचवें, दक्षिण अफ्रीका नौवें और अफगानिस्तान दसवें स्थान पर है।
श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया की टीमें वर्ल्ड कप में 11वीं बार आमने-सामने होंगी। कंगारूओं के खिलाफ श्रीलंकाई टीम को पिछली जीत 1996 वर्ल्ड कप के फाइनल में मिली थी। उसके बाद वह लगातार पांच मैच हार चुकी है। इनमें 2007 वर्ल्ड कप का फाइनल भी शामिल है। ऐसे में श्रीलंका हार के क्रम को तोड़ना चाहेगा, लेकिन दोनों टीमों की हालिया फॉर्म को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी है।
श्रीलंका का यह टूर्नामेंट में पांचवां मुकाबला होगा। उसके दो मैच बारिश के कारण रद्द हो चुके हैं। वहीं, एक में उसे जीत मिली और एक में हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उसके लिए जीत जरूरी है। हारने पर श्रीलंकाई टीम को बाकी बचे चारों मैच में जीत हासिल करनी होगी। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने अब तक सिर्फ एक ही मुकाबला गंवाया है। उसने अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान को हराया। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 96 मैच हुए। इनमें ऑस्ट्रेलिया 60 और श्रीलंका 32 मैच में जीता। चार मैच में नतीजा नहीं निकला। इंग्लैंड के मैदान पर दोनों टीमों के मुकाबलों की बात करें तो अब तक दो मैच हुए। दोनों ने एक-एक अपने नाम किए। 1975 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया 52 रन से जीता था। वहीं, 2013 में श्रीलंका 20 रन से जीता था। संयोग से पिछले दोनों मैच ओवल में ही खेले गए थे।
ऑस्ट्रेलिया के दोनों ओपनर बल्लेबाज फॉर्म में हैं। एरॉन फिंच ने चार मैच में 47.50 की मदद से 190 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान दो अर्धशतक भी लगाया। वहीं, डेविड वॉर्नर चार मैच में 85 की औसत से 255 रन बनाए। उन्होंने पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाया था। फिंच-वॉर्नर ने पहले मैच में 96, दूसरे मैच में 15, तीसरे मैच में 61 और चैथे मैच में 146 रन की साझेदारी की थी। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों ने इस वर्ल्ड कप में 24 विकेट लिए। इस बार सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-5 गेंदबाजों में दो ऑस्ट्रेलिया के ही हैं। पैट कमिंस दूसरे और मिशेल स्टार्क चैथे स्थान पर हैं। दोनों ने 9-9 विकेट लिए। कमिंस एक तरफ जहां टीम को शुरुआती सफलता दिला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्टार्क नीचले क्रम के बल्लेबाजों के लिए खतरनाक साबित हो रहे। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम को दोनों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
उस्मान ख्वाजा टीम के टॉप-5 स्कोरर में शामिल नहीं हैं। वे टूर्नामेंट में अब तक एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। उन्होंने चार मैच में सिर्फ 88 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 22 और स्ट्राइक रेट 93.61 का रहा। उनसे ज्यादा रन तो तेज गेंदबाज नाथन कूल्टर नाइल (98 रन) ने बनाए है। कूल्टर नाइल के खाते में एक अर्धशतक भी है। दिमुथ करुणारत्ने के रूप में श्रीलंकाई कप्तान के पास अनुभव तो सिर्फ 20 वनडे का ही है, लेकिन उनका हालिया प्रदर्शन काफी अच्छा है। उन्होंने पिछले 3 मैच में 79.5 के औसत से 159 रन बनाए हैं। उनकी कप्तानी में श्रीलंका 3 में से 2 वनडे जीतने में सफल रही है। इस मैच में भी वे अपनी टीम को जीत दिलाने की हरसंभव कोशिश करेंगे। लसिथ मलिंगा रू श्रीलंका के इस गेंदबाज के पास 220 वनडे का अनुभव है। पिछले एक साल में उन्होंने 16 मैच ही खेले हैं। इसमें उन्होंने 24 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में 3 विकेट अपने नाम किए थे। टीम प्रबंधन उनसे दोबारा वैसे ही प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में श्रीलंका के ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों ने रन तो बनाए, लेकिन मध्यक्रम पूरी तरह फ्लॉप रहा। टीम ने कुल 201 रन बनाए। इनमें से शुरुआती तीन बल्लेबाजों ने 133 रन बनाए। मध्यक्रम के 4 बल्लेबाज सिर्फ 5 रन ही बना पाए। पाकिस्तान के खिलाफ उसका मैच रद्द हो गया, जिससे उसके मध्यक्रम की फिर से परीक्षा नहीं हो पाई। अब बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए उसके मध्यक्रम को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
