
मुखर संवाद के लिये धनबाद से एम.अली की रिपोर्टः-
धनबादः झारखंड पुलिस के डीजीपी एम.वी. राव के नजदीकी कहे जानेवाले कोयला व्यापारी बादल गौतम के खिलाफ बीसीसीएल के सेवानिवृत्त निदेशक की पुत्री ने दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज करायी है। बैंक मोड थाने में शिकायत की गयी है कि पुलिस को बताया कि बादल उसे और उसके प्रेमी संकेत कृष्णानी को अगवा कर दिल्ली ले गया और कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। दस लाख रुपया व लाखों का जेवरात भी ले लिया। पुलिस ने बादल पर दुष्कर्म, अपहरण व रंगदारी का मामला दर्ज किया है। पीडि़ता की मेडिकल जांच भी होगी। बादल धनबाद का चर्चित कोयला व्यापारी है। वह खुद को झारखंड के डीजीपी का नजदीकी बताता है। बादल पर ही कुछ दिन पूर्व बीसीसीएल के पूर्व अधिकारी की पुत्री को कोलकाता से बहला-फुसलाकर अपने दोस्त संकेत कृष्णानी के साथ भगाने का आरोप लग रहा था। संकेत व बादल में दोस्ती थी, मगर अब दरार पड़ चुकी है। अधिकारी की शादीशुदा पुत्री अपने पति को छोड़ संकेत के साथ घर बसाना चाहती थी। वह कोलकाता से पति का घर छोड़कर लाखों रुपये और जेवरात लेकर संकेत व बादल के साथ चली गई थी। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति से तलाक लेना चाहती थी। इस बीच उसकी मुलाकात संकेत से हुई। उससे भावनात्मक सहयोग मिला। एक दिन उससे शादी की बात की। इसी साल 11 जुलाई को संकेत दो लाख रुपये और पुश्तैनी गहने लेकर बादल के साथ कोलकाता आ गया। बादल के कहने पर संकेत ने पीडि़ता को जेवर और रुपये लेकर आने को कहा। फिर बादल ने जेवर-रुपये अपने पास रख लिया। इसके बाद पीडि़ता, बादल, संकेत और उसका ड्राइवर सतपाल यादव गाड़ी से निकले। जामताड़ा में सभी सतपाल के घर ठहरे। 14 जुलाई को बादल ने अपनी गाड़ी वहीं छोड़ दी और उनकी गाड़ी से दिल्ली चला गया।दिल्ली में बादल ने अपने दोस्त अभिषेक राय के फ्लैट में उन्हें ठहराया। इस दौरान अभिषेक और संकेत को सामान लाने मार्केट भेज दिया और अकेला पाकर उससे जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। धमकी भी दी कि उसका व संकेत का अपहरण कर लिया गया है। संकेत का पिता 25 लाख रुपये लाकर देगा तभी दोनों को मुक्त करेगा। यह भी कहा कि संकेत के पीछे अपने शूटरों को लगा दिया है। पीडि़ता ने कहा कि संकेत की जान खतरे में थी, इसलिए चुपचाप बादल की ज्यादती बर्दाश्त कर रही थी। बादल उसे और संकेत को अलग-अलग जगहों पर ले गया और मौका पाकर उसके साथ दुष्कर्म भी किया। वह संकेत के भाई को वाट््सएप कॉल कर 25 लाख रुपये मांग रहा था। लॉकडाउन का हवाला देते हुए वह आठ लाख रुपये देने को राजी हो गया जिसे लेने बादल ने अपनी प्रेमिका को बरटांड़ भेजा था। बादल गौतम काफी शातिर है। वह झारखंड के आइपीएस अधिकारियों के साथ मौका देख तस्वीर खिंचवाता है। फिर प्रभाव जमाने के लिए तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करता है। इस झांसे अच्छे-अच्छे घरों की लड़कियां भी आ जाती हैं। फिर शुरू होती है लड़कियों की बर्बादी की कहानी। बादल गौतम द्वारा ब्लैक मेल करने की कहानी से जुड़ी एक एफआइआर दिल्ली में हुई है। यह प्राथमिकी बादल के दोस्त अभिषेक राय ने कराई है।
