जीतनराम मांझी ने महागठबंधन को कहा अलविदा, एनडीए में जल्द ही शामिल होने की संभावना

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पटना से मनोहर यादव की रिपेार्टः-
पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी महागठबंधन को अलविदा कहकर अब आगे की रणनीति तय करने की घोषणा की है। जीतन राम मांझाी की अगली रणनीति पर सभी की निगाहें अब लग गयी हैं। हिंदुस्तानी अवामी मार्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने महागठबंधन से अलग राह पकड़ने का फैसला किया है। हिंदुस्तानी अवामी मार्चा की कोर कमेटी की बैठक में यह फैसला किया गया। महागठबंधन में समन्वय समति बनाने तथा उसके माध्यम से सभी बड़े फैसले लेने की उनकी मांग को राष्ट्रीय जनता दल कोई तवज्जो नहीं दे रहा था। इसी से नाराज जीतनराम मांझाी ने अपनी राहें महागठबंधन से अलग कर ली हैं। जीतन राम मांझी ने 20 अगस्त को फैसला लेने की घोषणा की थी। जीतनराम मांझी ने मुखर सवंाद के साथ बातचीत में कहा कि आगे वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में नीतीश कुमार के साथ जाएंगे या क्या करेंगे, इसकी घोषणा दो-तीन दिनों में कर देंगे। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मांझी का यह फैसला बेहद अहम है। जीतनराम मांझी महागठबंधन में एक समन्वय समिति चाहते थे। उनके अीनुसार समन्वय समिति सीट शेयरिंग से लेकर मुख्यमंत्री प्रत्याशी तक के सभी बड़े फैसले करे। लेकिन आरजेडी खुद को महागठबंधन का नेता और अपने नेता तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री प्रत्याशी बताता रहा। महागठबंधन में लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी समन्वय समिति की मांग को लेकर जीतनराम मांझी दिल्ली भी गए। वहां उनकी मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी से नहीं हो सकी, लेकिन वे कांग्रेस आलाकमान तक अपनी बात पहुंचा चुके थे। इसके बावजूद कोई निर्णय पर महागठबंधन पनहीं पहुंच सका जिसके कारण जीतनराम मांझज्ञी नाराज थ। हम पार्टी की कोर कमेटी ने मांझी को आगे की रणनीति तय करने के लिए अधिकृत किया है। अब अगले दो-तीन दिनों में वे नए रिश्तों के संबंध में ऐलान करेंगे। राजनीति के जानकार यह कयास लगा रहे है कि मांझी अपनी पार्टी का जनता दल यूनाइटेड के साथ विलय कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी ने इसका कोई संकेत नहीं दिया है। या जीतनराम मांझी एनडीए वापसी भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि दलितों के आरक्षण, प्रोन्नति में आरक्षण, समान शिक्षा, दलित उत्पीड़न एक्ट को संविधान की नौवीं सूची अनुसूची में लाने के उनके संघर्ष में जो उनका साथ देंगे, वैसे ही लोगों के साथ रहना वे पसंद करेंगे। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी संजय मयूख ने कहा है कि बिहार के विकास में जो एनडीए में आना चाहेंगें उनका स्वागत है। बिहार के विकास के लिये एनडीए तत्पर है और जीतन राम मांझाी इसमें सहयोग करना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कयास भी लगाया जा रहा है कि जीतनराम मांझाी के एनडीए में जाने से उनका जनाधार काफी मजबूत होगा। वहीं महागठबंधन के नेताओं का मानना है कि जीतनराम मांझाी हड़बड़ाहट में यह फैसला लेकर जल्दीबाजी कर डाले।

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