झारखंड सरकार ने जातीय जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया, मुख्यमंत्री सहित विधायकों के वेतन और भत्ते में किया इजाफा

Jharkhand झारखण्ड देश राजनीति

मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड में चम्पई सोरेन ने जातीय जनगणना कराने का फैैैैसला लिया है औेर इसकी जिम्मेवारी कार्मिक विभा कोे दी गयी है। झारखंड में जातीय जनगणना का कार्य कार्मिक विभाग के पास होगा। मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। कार्मिक विभाग इसके लिए तमाम तैयारियों को अंजाम देगा और इस आलोक में गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा। झारखंड में जातीय जनगणना कराने को लेकर सैद्धांतिक निर्णय पहले ही हो चुका था, लेकिन इसके लिए एजेंसी का निर्धारण नहीं किया जा सका था। अब कैबिनेट के निर्णय के आलोक में राज्य सरकार का कार्मिक विभाग इस काम को देखेगा।दूसरी ओर, एक महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार ने विधायकों से लेकर मंत्रियों और अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के साथ-साथ विभिन्न दलों के सचेतकों को मिलनेवाले वेतन और भत्तों में कम से कम डेढ़ गुना तक की बढ़ोतरी कर दी है। इनके साथ जुड़े सहायकों और अनुसेवकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की गई है। सरना धर्मावलंबियों के पवित्र स्थान लुगुबुरू पहाड़ पर केंद्रीय उपक्रम का काम रुकेगा। दामोदर घाटी निगम द्वारा प्रस्तावित 1500 मेगावाट लुगूबुरू पहाड़ पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को स्थगित करने की स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री का वेतन : 80,000 प्रति माह से बढ़ाकर 100,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।
मंत्री, राज्यमंत्री आदि का वेतन : 65,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 85 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
प्रभारी भत्ता: लगभग 70,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।

सीएम का क्षेत्रीय भत्ता रू 80,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 95,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।

सत्कार भत्ता रू 60,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 70,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।

आवास ऋण रू 40 से बढ़ाकर 60 लाख रुपये तक 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर पर दिया जाएगा।

विधानमंडल सदस्य, पूर्व सदस्य को दिए जाने वाले वेतन-भत्ते
वेतन रू 40,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।

क्षेत्रीय भत्ता रू 65000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 80000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।

सत्कार भत्ता रू 30,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 40000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।

दैनिक भत्ता राज्य के अंदर रू 2000 प्रतिदिन से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति दिन किया जाएगा।

दैनिक भत्ता राज्य के बाहर रू 2500 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 4000 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा।

निजी सहायक का वेतन रू 35 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।

अनुसेवक का वेतन रू 25 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के पोर्टल की देखरेख के लिए वित्तीय नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के अधीन मेसर्स सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड को मनोनयन के आधार पर चयन करने एवं इसके कार्यान्वयन के लिए 20.95 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
राज्य कर्मियों को प्रोन्नति में रोक हटने के बाद अधिकारियों के साथ-साथ कर्मियों को भी समान तरीके से लाभ मिलेगा। झारखंड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्तें) (संशोधन) नियमावली, 2024 के गठन की स्वीकृति दी गई। झारखंड में मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 2001 की धारा-15 के तहत टैक्स डिफाल्टर को अर्थदंड माफी की स्वीकृति दी गई। सुशील कुमार को प्रभारी कार्यपालक अभियंता बनाये जाने की तिथि से कार्यपालक अभियंता के पद पर वैचारिक प्रोन्नति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। झारखंड योजना सेवा विभागीय परीक्षा एवं प्रशिक्षण नियमावली-2023 की स्वीकृति दी गई। भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का 31 मार्च 2021 को समाप्त हुए वर्ष का अनुपालन लेखा परीक्षा (राजस्व) प्रतिवेदन को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई। वित्त विभाग अन्तर्गत नवगठित तीन (03) निदेशालयों पेंशन एवं लेखा निदेशालय, कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय तथा अंकेक्षण निदेशालय के निदेशक को विभागाध्यक्ष घोषित करने की स्वीकृति दी गई।

स्व. जगरनाथ महतो, तत्कालीन मंत्री, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, झारखंड सरकार के लंग ट्रांसप्लांट के एवज में खर्च राशि 45.29 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई। झारखण्ड राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना के संचालन हेतु झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाईटी के अन्तर्गत पद सृजन की स्वीकृति दी गई। लंबी अवधि तक बिना कारण बताए अनुपस्थित डा. बेला कुमारी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, रामपुर, लोहरदगा को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार डा. बाबू लाल मुर्मू, चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, तुबिद, अड़की, खूंटी को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। लोकसभा चुनाव, 2024 के सुचारू रूप से संचालन एवं इस दौरान विधि-व्यवस्था के संधारण हेतु वित्तीय झारखंड आकस्मिकता निधि से रुपये 125.76 करोड़ रुपये अग्रिम के रूप में स्वीकृत करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *