मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: हिन्दपीढ़ी से कारोना के मरीज अब तीसरे फेज की ओर जा रहे हैं। झारखंड में कोरोना वायरस के 8 और मरीज मिले हैं। अब राजधानी रांची के विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना के मरीज मिल रहे हें जिनका संबंध हिन्दपीढ़ी के इलाके से ही है। वहीं मुख्यतमंत्री हेमंत सोरेन ने यह घोशणा कर दी है कि हिन्दपीढ़ी को सीआरपीएफ के हवाले कर दिया गया है और उनकी झारखंड पुलिस से अब यह क्षेत्र बेकाबू हो गया है। झारखंड पुलिस अब हिन्दपीढ़ी में बढ़ रहे लोगों के आचरण के कारण अपने आप को विवश करार दे रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से यह बयान देना और हिन्दपीढ़ी को सीआरपीएफ को सौंपना झारखंड पुलिस की विफलता करार दे रही है। सोमवार को सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट में 8 कोरोना पाॅजिटिव की पुष्टि हुई। सभी नए मरीज रांची के हैं। रांची में अब चारों तरफ कोरोना के मरीज मिलने लगे हैं। यह राजधानी के लिए खतरे की घंटी है। रांची में अब 64 मरीज हो गए हैं। झारखंड में अब 92 कोरोना के मरीज हो गए हैं। संक्रमित होने वालों में तीन महिला और पांच पुरुष हैं। इसमें एक एएसआइ और एक एंबुलेंस चालक भी बताए जा रहे हैं। रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में गुरु नानक स्कूल में बने कंट्रोल रूम के एक एंबुलेंस चालक, एक एएसआइ और एक सफाई कर्मी कोरोना मरीजों में शामिल हैं। इसके अलावा बाकी सभी हिंदपीढ़ी क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। रांची का हॉटस्पॉट बने हिंदपीढ़ी में कोरोना के मरीज लगातार मिल रहे हैं। यहां लगातार स्क्रीनिंग के बावजूद कोरोना संक्रमण का खतरा कम नहीं हो रहा है। लोग लॉकडाउन का पालन भी नहीं कर रहे हैं। हिंदपीढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं। कल रविवार को एक सफाईकर्मी और एक बॉडीगार्ड कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। आज सोमवार को भी एक एएसआइ और एक चालक कोरोना पॉजिटिव पाया गया। आठ मरीजों के बारे में बात करें तो एक रांची के कडरू से, एक डोरंडा से, एक कांके से, एक रिम्स के आइसोलेशन वार्ड से, एक रेलवे स्टेशन से, एक हिंदपीढ़ी से, एक सेवा सदन से और एक हिंदपीढ़ी थाना से है।
