
मुखर संवाद के लिये जयंत मुखर्जी की रिपोर्टः-
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिहाज से शनिवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर राज्य के कई जिलों में मतदान की प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर चुनावी हिंसा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हो रही है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों से लेकर आम मतदाताओं तक की नजरें आज की घटनाओं पर टिकी हुई हैं।
राज्य में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक मतदाताओं में उत्साह दिखाई दिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या मतदान केंद्रों तक पहुंची। चुनाव आयोग की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती संवेदनशील बूथों पर की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम है. आज राज्य के 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग हो रही है. इन सभी बूथों पर दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान 29 अप्रैल को धांधली की खबर सामने आई थी. जिसके बाद चुनाव आयोग के आदेश पर सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है. दूसरी ओर ज्डब् ने सुप्रीम कोर्ट में केवल केंद्र सरकार और v कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है. जिसपर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. टीएमसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल दलीलें दे रहे हैं. सिब्बल ने दलीले देते हुए कहा कि चुनाव आयोग मनमानी नहीं कर सकता.
दूसरी ओर 4 मई को होने वाली वोटों की गिनती में काउंटिंग सुपरवाइजर की नियुक्ति को लेकर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है. टीएमसी ने केवल केंद्र सरकार और च्ैन् कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में आज सुनवाई हो सकती है. गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में राहत देने से इनकार किया था. जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. वहीं कोलकाता में आज बीजेपी और टीएमसी नेताओं की काउंटिंग से पहले एक बड़ी बैठक होने जा रही है. इन सब चीजों को लेकर आज बंगाल फिर से सुर्खियों में रहेगा. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों की 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग हो रही है. इनमें से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर में हैं. बीजेपी ने इन बूथों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला किया है।
इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े अहम मामलों पर सुनवाई जारी है। याचिकाओं में चुनावी हिंसा, सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अदालत में यह मुद्दा भी उठाया गया कि कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं को भयमुक्त वातावरण नहीं मिल पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक दलों के लिए भी आज का दिन प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। सत्तारूढ़ दल जहां अपनी योजनाओं और विकास कार्यों के आधार पर जनता से समर्थन मांग रहा है, वहीं विपक्ष सरकार पर कानून-व्यवस्था विफल होने का आरोप लगाकर सत्ता परिवर्तन की अपील कर रहा है। सभी प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेता लगातार मतदान प्रतिशत और विभिन्न क्षेत्रों से आ रही रिपोर्टों पर नजर बनाए हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला चुनाव साबित हो सकता है। मतदान के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई ने इस चुनाव को और अधिक संवेदनशील और महत्वपूर्ण बना दिया है।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की है। आयोग का कहना है कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। अब सभी की निगाहें मतदान प्रतिशत, अदालत की टिप्पणियों और आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं।
