बाबूलाल के दुमका विधानसभा से चुनाव लड़ने के दिख रहे आसार, सदस्यता फंसने से जल्द ही देंगें इस्तीफा

Jharkhand झारखण्ड राजनीति

रांची से अशोक कुमार
रांची: राजधनवार विधानसभा सीट से अपनी सदस्यता पर ज्यादा समय तक फंसने पर बाबूलाल मरांडी इंतजार नहीं करेंगें और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर दुमका उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर कूदेंगे। लेकिन यह सबकुछ परिथ्सथतियों पर निर्भर करेगा। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भले ही भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी न मिली हो, लेकिन भाजपा ने उन्हें प्रदेश कार्यालय में नेता विधायक दल की कुर्सी पर जरूर बैठा दिया। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पहली बार वे भाजपा कार्यालय में नेता विधायक दल के रूप बैठे। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन सदन में भाजपा विधायकों के हंगामे पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सदन को सुचारू रूप में चलाना सरकार की पहली जिम्मेदारी है, भाजपा सकारात्मक विपक्ष की भूमिका के  निर्वहन के लिये हमेशा तैयार है। बाबूलाल मरांडी ने कहा, हम एक सशक्त विपक्ष के रूप में सरकार को जनता से किए वायदों को पूरा करने का दबाव बनाएंगे। पार्टी जन मुद्दों पर जनता की मजबूत आवाज बनेगी। मेरी पार्टी के विधायकों ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उसे मैं पूरी निष्ठा से पालन करूंगा। 2016 के राज्यसभा चुनाव में झामुमो गठबंधन के पास 30 विधायक थे। लेकिन चमरा लिंडा व बिट्टू सिंह वोट देने नहीं आये। गठबंधन के दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। इस तरह झामुमो के बसंत सोरेन को प्रथम वरीयता के 26 व भाजपा के दूसरे प्रत्याशी महेश पोद्दार को 24 वोट मिले। लेकिन भाजपा के मुख्तार अब्बास नकवी को 29 मत मिले थे। 27 मत होने से वे जीत गए और उनके 2 मत महेश पोद्दार में शिफ्ट कर गए। दो मतों की गणना में .66 मत पोद्दार में जुट जाने से वह चुनाव जीत गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *