
मुखर संवाद के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
रांची:- डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों पर महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा कैमरे से मेमोरी कार्ड निकालने के आरोप के विरोध में शनिवार को पत्रकारों ने राजधानी के अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले में महिला पत्रकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और कथित तौर पर ले जाए गए मेमोरी कार्ड को तत्काल वापस करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने कहा कि मीडिया कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, धमकी अथवा उनके पेशेवर कार्य में हस्तक्षेप लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। पत्रकारों का कहना था कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने का अधिकार है। यदि किसी खबर या इंटरव्यू को लेकर आपत्ति है, तो उसका जवाब लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से दिया जाना चाहिए। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि महिला पत्रकार द्वारा विधायक का इंटरव्यू किए जाने के बाद उनके समर्थकों ने कैमरे से मेमोरी कार्ड निकाल लिया। पत्रकारों के अनुसार, इस मेमोरी कार्ड में इंटरव्यू के दौरान रिकॉर्ड हुई महत्वपूर्ण सामग्री मौजूद हो सकती है। ऐसे में मेमोरी कार्ड को अपने पास रखना पत्रकार के कार्य में हस्तक्षेप के समान है। प्रदर्शनकारियों ने कथित मेमोरी कार्ड को जल्द से जल्द वापस करने की मांग की।
पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि विधायक जयराम महतो ने महिला पत्रकार से माफी नहीं मांगी और मेमोरी कार्ड वापस नहीं किया, तो पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करेगा। पत्रकारों ने कहा कि यह मामला केवल एक महिला पत्रकार से जुड़े कथित दुर्व्यवहार का नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मेमोरी कार्ड में ऐसी बातचीत अथवा सामग्री रिकॉर्ड हो सकती थी, जिससे विधायक की छवि प्रभावित होने की आशंका रही होगी। इसी वजह से कथित तौर पर मेमोरी कार्ड निकाल लिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया गया कि कुछ दिन पहले विधायक जयराम महतो का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऑडियो में विधायक को एक पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए सुना जाने का दावा किया गया था। इसी प्रकरण को लेकर महिला पत्रकार विधायक का पक्ष जानने और उनका इंटरव्यू करने पहुंची थीं। आरोप है कि इंटरव्यू समाप्त होने के बाद विधायक के समर्थकों ने महिला पत्रकार के कैमरे से मेमोरी कार्ड निकाल लिया और उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। घटना के बाद महिला पत्रकार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से विधायक और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों में नाराजगी देखी गई। प्रदर्शन में शामिल पत्रकारों ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि से सवाल पूछना पत्रकारों का पेशेवर दायित्व है। पत्रकारों का काम सवाल पूछना और संबंधित पक्ष का जवाब जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि किसी सवाल या खबर से असहमति होने पर पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करना उचित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र गिरी, सैय्यद रमीज जावेद, जावेद अख्तर, राजेश सिंह, मोहम्मद इमरान, अमीरुल होडा, शकील अख्तर, चंदन रावत, प्रदीप, अजय, संजय, जगदीश, सुधा समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे। पत्रकारों ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई, महिला पत्रकार को न्याय और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
