राजकीय शोक में शो, बेकाबू भीड़ ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल, धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में केल्विन आर्यन के पब्लिक मीट में जमकर हंगामा, मंच और साउंड सिस्टम में तोड़फोड़

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
धनबाद: राजकीय शोक के बीच रविवार को गोल्फ ग्राउंड में आयोजित यूट्यूबर और ब्लॉगर केल्विन आर्यन के पब्लिक मीट कार्यक्रम में बेकाबू भीड़ ने कानून-व्यवस्था की चिंता बढ़ा दी। झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में प्रशंसकों के पहुंचने के बाद कार्यक्रम स्थल पर अचानक स्थिति बिगड़ गई। देखते ही देखते भगदड़ जैसे हालात बन गए। भीड़ में मारपीट, धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ हुई। कुछ उपद्रवी मंच पर चढ़ गए और पंडाल को नुकसान पहुंचाया। साउंड सिस्टम भी क्षतिग्रस्त किया गया। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
राजकीय शोक में डीजे पर रोक
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद राज्य सरकार ने दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की थी। इसी दौरान गोल्फ ग्राउंड में पब्लिक मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़े स्तर पर भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए आयोजकों ने डीजे और बड़े साउंड सिस्टम की व्यवस्था की थी। राजकीय शोक को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम कार्यक्रम स्थल पर पहुंची और डीजे बजाने पर रोक लगा दी। आयोजकों को कार्यक्रम सादगी के साथ आयोजित करने का निर्देश दिया गया। शुरुआत में कार्यक्रम सामान्य रहा, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ ने कुछ ही देर में पूरा समीकरण बदल दिया। ग्राउंड में लोगों की संख्या बढ़ती चली गई। भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि आयोजकों के लिए उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हुई और देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया।

मंच पर चढ़े उपद्रवी, पंडाल फाड़ा
हंगामा बढ़ने पर कुछ लोग मंच पर चढ़ गए। पंडाल को फाड़ दिया गया और साउंड सिस्टम में तोड़फोड़ की गई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की सूचना है। हालांकि, घायलों की सही संख्या और उनकी स्थिति की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और उपद्रव कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद कार्यक्रम बंद कराया गया। इसके बाद लोगों को धीरे-धीरे कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाला गया। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति और भीड़ प्रबंधन को लेकर उठ रहा है। जब कार्यक्रम में झारखंड के साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में प्रशंसकों के पहुंचने की संभावना थी, तो उसके अनुरूप सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह सवाल चर्चा में है। राजकीय शोक की घोषणा के बाद कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से डीजे पर रोक लगाई गई और सादगी से आयोजन का निर्देश दिया गया था। लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ऐसे आयोजनों में प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते, बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल और भीड़ की संभावित संख्या के अनुरूप सुरक्षा योजना जरूरी होती है। गोल्फ ग्राउंड की घटना ने शहर में बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। खासकर सोशल मीडिया से जुड़े चर्चित चेहरों के कार्यक्रम में कम समय में बड़ी भीड़ जुटने की संभावना रहती है। ऐसे में आयोजकों के साथ-साथ प्रशासन को भीड़ का आकलन कर पहले से सुरक्षा योजना तैयार करने की जरूरत है। घटना के बाद पुलिस उपद्रव करने वालों की पहचान और पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी है। वहीं, इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि राजकीय शोक जैसे संवेदनशील समय में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर प्रशासन और आयोजकों के बीच समन्वय कितना प्रभावी था।

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