
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
नयी दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण से हुई, जहां उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को एक साथ संबोधित किया। 1 फरवरी को देश का केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। उससे पहले बजट सत्र शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने श्विकसित भारत-जी राम जी अधिनियमश् और मतदाता सूची की जांच जैसे मुद्दों पर बहस की मांग रखी, लेकिन सरकार ने इन मांगों को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के फलस्वरूप, देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ। इससे यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तिकरण में नारी शक्ति सर्वाेपरि है।
संसद का बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ इस सत्र की शुरुआत हुई। एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने बजट सत्र के दौरान श्विकसित भारत-जी राम जी अधिनियमश् और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग की, जिसे सरकार ने अस्वीकार कर दिया।अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने विकसित भारत-जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। इस दौरान विपक्षी पार्टियां भड़क गईं और नारेबाजी करने लगीं। राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी कानून बनाया गया है। राष्ट्रपति के इतना कहते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, इस दौरान एनडीए समर्थकों ने मेज थपथपाकर अभिभाषण का समर्थन किया। विपक्षी सांसद इस दौरान वापस लो, वापस लो, ये कानून वापस लो जैसे नारे लगाते रहे। हालांकि, कुछ मिनटों तक नारेबाजी करने के बाद विपक्षी सांसद शांत हो गए और राष्ट्रपति का अभिभाषण जारी रहा।
