
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: विश्व योग दिवस के अवसर पर झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला, जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने योग शिक्षिका रफिया नाज़ से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और उनकी उपलब्धियों पर खुशी जताई। हालांकि इस मुलाकात के साथ ही दोनों के बीच पहले से चल रहे विवाद की भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि रफिया नाज़ की ओर से मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने के आरोपों को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। विश्व योग दिवस के मौके पर हुई इस मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि योग आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का माध्यम बन चुका है। उन्होंने रफिया नाज़ द्वारा योग के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं और महिलाओं को योग के प्रति जागरूक करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। मंत्री ने उम्मीद जताई कि राज्य में योग और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को और मजबूती मिलेगी। इरफान अंसारी ने कहा है कि रफियां नाज़ योग के क्षेत्र में अत्यंत अनुभवी हैं। उनसे पहली बार मिलकर उनके कार्यों और अनुभवों को जानने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने मुझे भी योग और प्राणायाम से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने सकारात्मक सोच, मानसिक शांति, तनाव मुक्ति एवं स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग और प्राणायाम के कुछ विशेष अभ्यास सिखाए, जो मेरे लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक रहे। जिस समर्पण के साथ वे बच्चों, छात्राओं, माताओं एवं बहनों को योग के प्रति जागरूक कर रही हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। समाज में स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश फैलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। हमारे धर्म में भी अनुशासन, आत्मसंयम और स्वस्थ जीवन को विशेष महत्व दिया गया है। योग भी हमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग दिखाता है। ऐसे सकारात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए मैं हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग भी योग को बढ़ावा देने के लिए उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ लेगा। आज उनके पूरे परिवार से मिलकर अत्यंत खुशी हुई। परिवारजनों ने जिस आत्मीयता, सम्मान और स्नेह के साथ मेरा स्वागत किया, उसके लिए मैं उनका हृदय से आभारी हूँ।
वहीं दूसरी ओर, यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा का विषय बनी रही क्योंकि हाल के दिनों में रफिया नाज़ और स्वास्थ्य मंत्री के बीच विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आया था। रफिया नाज़ ने मंत्री पर कथित तौर पर दबाव बनाने, डराने-धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी काफी चर्चा हुई थी और विपक्षी दलों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
हालांकि योग दिवस के अवसर पर हुई मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने सार्वजनिक रूप से किसी विवादित मुद्दे पर टिप्पणी नहीं की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार बातचीत का केंद्र योग, स्वास्थ्य और समाज में सकारात्मक संदेश देने जैसे विषय रहे। इसके बावजूद दर्ज मुकदमे और आरोपों के कारण यह मुलाकात राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ओर जहां योग दिवस जैसे अवसर पर सौहार्दपूर्ण माहौल का संदेश देने की कोशिश की गई, वहीं दूसरी ओर कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी। मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल विश्व योग दिवस पर हुई यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि इसमें स्वास्थ्य, सामाजिक संदेश और कानूनी विवादकृतीनों पहलू एक साथ देखने को मिले। इससे यह भी संकेत मिला कि सार्वजनिक जीवन में मतभेद और कानूनी विवाद होने के बावजूद संवाद की गुंजाइश बनी रह सकती है।
