
मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड ही नहीं बल्कि बिहार की राजनीति में भी चाणक्य के नाम से मशहूर जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय विधायक सरयू राय हमेशा ही सभी राजनीतिज्ञों को नैतिकता का पाठ पढ़ाना नहीं भूलते। हमेशा ही सरयू राय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास तक को पत्र लिखकर राजनीति की नैतिकता का पाठ पढ़ाते रहे। लेकिन झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान वोट देने को लेकर नैतिकता का पाठ पढ़ना खुद ही भूल गये हैं। सरयू राय ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी दीपक प्रकाश को वोट देने का वादा कर डाला। अब यह तो निश्चित हो गया है कि सरयू राय भाजपा के पक्ष में वोट करेंगें लेकिन अब सरयू राय के कथनी और करनी में अंतर हो गया है। सहसा किसी को भ्ज्ञी विश्वास नहंीं हो रहा है कि कलतक भाजपा के बड़े नेताओं को कोसनेवाले वहीं सरयू राय किस मुंह से भाजपा को वोट करेंगें। आखिर ऐसा क्या हो गया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के मुख्यमंत्री प्रत्याशी रहे रघुवर दास के विरूद्ध चुनाव लड़नेवाले सरयू राय अचानक सांसद निशिकांत दूबे के ट्वीट के बाद सरयू राय का फिर से भाजपा प्रेम हिलोरे मारने लगा। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और भाजपा के खिलाफ पूरे प्रदेश में मोर्चा खोलने का दावा करनेवाले सरयू राय को भाजपा के प्रति प्रेम मन में हिलोरें मारने लगे। लालू यादव, मधु कोड़ा और रघुवर दास को धूल चटानेवाले सरयू राय भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ाई करने का दावा करते हैं और झारखंड में इसका प्रतीक भी बन चुके हैं। जिस बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के पास मिस्टर क्लीन का भी तगमा है और सरयू राय उनके काफी नजदीकी हैं। लेकिन सरयू राय हमेशा से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे हैं लेकिन राज्य सभा चुनाव में भाजपा का उनका प्रेम उमड़ना सभी को आश्चर्यचकित कर रहा है। क्या वाकई में सरयू राय का भाजपा प्रेम उमड़ा है या निशिकांत दूबे के ट्वीट के बाद राज्यसभा चुनाव में कोई सौदेबाजी हुई है। यह सवाल बड़ा है। निशिकांत दूबे हमेशा से ही काॅरपोरेट राजनीति के प्रतीक माने जाते हैं। झारखंड में अडानी कंपनी को लाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। गोड्डा में पाॅवर प्लांट लगाकर बंग्लादेश को बिजली देने के प्लान में भी निशिकांत दूबे का संबंध रहा है। अब एक ट्वीट के बाद ही सरयू राय बदल गये जो विधानसभा चुनाव में भाजपा के विरोध में घूमघूम कर प्रचार करते रहे वहीं सरयू राय अब भाजपा के लिये राज्यसभा चुनाव में वोट करंेंगें यह किसी को भी पच नहीं रहा है। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इरफान अंसारी ने सरयू राय के राज्यसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने को लेकर आश्चर्य कर रहे हैं और कहते हैं कि ‘‘ मै सदमें में हूं बाबूलाल और सरयू राय के चरित्र को लेकर। क्या राजनीति का स्तर इतना गिर जायेंगा यह मैं सोच भी नहीं सकता हूं। आखिर सरयू राय भाजपा विरोधी वोट से जीत कर आयें हैं और उसी भाजपा प्रत्याशी दीपक प्रकाश को वोट कर रहे हैं। सरयू राय खुद नैतिकता की पाठ दूसरों को पढ़ाया करते थे अब वहीं नैतिकता का पाठ भूल बैठे हैं। आखिर सरयू राय और निशिकांत दूबे के बीच राज्यसभा चुनाव को लकेकर क्या सौदेबाजी हुई यह जनता जानना चाहती है। राजनीतिज्ञों को जनता इसी दो मुहें के कारण गालियां देती हैं और राजनेताओं का चरित्र गिरता हुआ नजर आ रहा है।जनता को धोखा देकर भाजपा के विपक्ष में वोट हासिल करनेवाले सरयू राय को जनता के बीच जवाब देना ही होगा कि आखिर कौन सी डील हुई है।‘‘
विधायक इरफान अंसारी के आरोपों को लेकर अब सरयू राय खुद आरोपों के घेरे में नजर आ रहे हैं। आखिर ऐसी क्या मजबूरी हो गयी या कैसे इनका भाजपा के प्रति गहरा लगाव हो गया कि सरयू राय राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने को राजी हो गये। सरयू राय आखिर खुद दूसरों को पाठ पढ़ाते रहे लेकिन राज्यसभा चुनाव में खुद ही नैतिकता भूलकर अपने धूर विरोधी पार्टी भाजपा को वोट देने को राजी हुए हैं। अब सरयू राय के भाजपा को वोट देने को लेकर जनता के बीच में भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है ! राज्यसभा चुनाव को लेकर सरयू राय की नैतिकता पर बड़ा सवाल खड़ा हो चुका है !
