
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू), रांची के प्लेसमेंट विभाग की ओर से वर्ष 2027 में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय प्लेसमेंट ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आगामी कैंपस प्लेसमेंट के लिए तैयार करने के साथ-साथ कॉरपोरेट जगत की कार्यप्रणाली, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से परिचित कराना था। इसमें बीटेक की सभी शाखाओं के अलावा एमसीए, एमबीए, एमकॉम, बीबीए, बीकॉम, बीबीए-एसबीपीएम, बीसीए, विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों, बीए एवं एमए अंग्रेजी तथा बीए एवं एमए अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्लेसमेंट विभाग के सत्र से हुई। इसमें विद्यार्थियों को प्लेसमेंट की पूरी प्रक्रिया, कंपनियों की चयन प्रक्रिया, आवश्यक दिशा-निर्देश, साक्षात्कार की तैयारी और करियर निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समय रहते तैयारी शुरू करने और कैंपस प्लेसमेंट को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। टेकफोकस के वरिष्ठ तकनीकी प्रमुख-क्लाउड निखिल उपाध्याय ने क्लाउड समाधान, एडब्ल्यूएस, जीसीपी, जनरेटिव एआई और एलएलएम जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करते रहना चाहिए। टेकफोकस के वरिष्ठ सेल्सफोर्स विकास विशेषज्ञ अदनान अंसारी ने सेल्सफोर्स विकास, एपेक्स, एलडब्ल्यूसी, ट्रिगर्स, सेल्सफोर्स इंटीग्रेशन और व्यावसायिक प्रक्रिया स्वचालन जैसे विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सेल्सफोर्स के निरूशुल्क ऑनलाइन शिक्षण मंच ‘ट्रेलहेड’ का उपयोग करने तथा संबंधित प्रमाण-पत्र हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रबंधन और वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए इंडसइंड बैंक की क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधक प्राची महतो के साथ उद्योग संवाद सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि कंपनियां नए स्नातकों से किस तरह की अपेक्षाएं रखती हैं। उन्होंने प्रभावी संवाद कौशल, जिम्मेदारी की भावना, समस्या समाधान की क्षमता, पेशेवर व्यवहार, सीखने की इच्छा और बदलते कार्य वातावरण के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया।
सीनियर.एआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित कडयान ने विद्यार्थियों को करियर की तैयारी से संबंधित व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने प्रभावी रिज्यूमे तैयार करने, लिंक्डइन पर मजबूत प्रोफाइल बनाने, प्रमाण-पत्र हासिल करने और प्रोजेक्ट पर काम करने की जरूरत बताई। तकनीकी विद्यार्थियों को कोडिंग के नियमित अभ्यास, डेटा स्ट्रक्चर एवं एल्गोरिदम की तैयारी तथा गिटहब पर अपने कार्यों का पोर्टफोलियो तैयार करने की सलाह दी। उन्होंने कोडशेफ और लीटकोड जैसे ऑनलाइन मंचों का उपयोग करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम के प्रधानाचार्य महेश कुमार गुप्ता ने ‘कैंपस से कॉरपोरेट’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सफल करियर के लिए विषय का बेहतर ज्ञान, तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान की क्षमता और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्लेसमेंट प्रक्रिया, कंपनियों की अपेक्षाओं, साक्षात्कार की तैयारी और करियर के लिए जरूरी तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल की जानकारी मिली। विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन एवं राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

