
लखनउ से प्रीतम यादव की रिपोर्ट:-
रामपुर: समाजवादी पार्टी पार्टी के सांसद आजम खां, उनकी पत्नी शहर विधायक डॉक्टर तजीन फात्मा और विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को अदालत ने दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद बुधवार को वह पत्नी और बेटे के साथ कोर्ट में सरेंडर किया था। समाजवादी पार्टी से सांसद आजम खान उनकी पत्नी तंजीन फातिमा व बेटे अब्दुला को अपर जिला सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार की अदालत ने जेल भेज दिया है। स्वार सीट से विधायक रहे आजम के बेटे अब्दुल्ला खान के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में 24 फरवरी को तारीख पर पेश न होने पर अदालत ने आजम खान उनकी पत्नी रामपुर विधायक तंजीन फातिमा व बेटे अब्दुल्ला आजम खान की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। आज तीनों कोर्ट के सामने पेश हुए थे और जमानत याचिका डाली। अपर जिला जज धीरेंद्र कुमार ने आजम, उनकी पत्नी व बेटे की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने तीनों नेताओं को दो मार्च तक जेल में रहेंगे। अब मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी। यह कार्रवाई आजम पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 4ध्2019 में अंतर्गत धारा 420, 468, 468 के तहत की गई है।आजम के खिलाफ 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद कई मुकदमे दर्ज हुए हैं। बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में 18 दिसंबर को रामपुर एडीजे की कोर्ट ने आजम खान, उनकी पत्नी तजीन फातिमा व अब्दुल्ला के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया था। कोर्ट ने तीनों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत उदघोषणा का नोटिस जारी किया था।अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव में नामांकन के समय अब्दुल्ला की आयु 25 वर्ष नहीं थी। उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर विधानसभा का चुनाव लड़ा था। आरोप सही पाए जाने पर स्वार सीट से अब्दुल्ला खान की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। प्रदेश में भाजपा की आदित्यनाथ योगी सरकार से आजम खां के विरूद्ध लागतार कार्रवाई की जा रही है, जिसके परिणाम स्वरूप कई बार आजम खां मुसीबतें झेलते रहे हैं। लेकिन अब कानून का शिंकजा उनपर पूरी तरह से कसता जा रहा है।
