
मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्ट
रांची: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में कोरोना का जिक्र किया लेकिन लाॅक डाउन की अवधि का कोई जिक्र नहीं किया। इसके साथ ही लाॅक डाउन को लेकर लोगों के मन में अभी भी आशंकायें रह गयी कि राज्यों को मिले अधिकारेां के तहत उनके हिस्से में क्या आयेगा ? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लॉकडाउन के बीच तीसरी बार मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खुल गया है, ऐसे में और सावधानी रखने की जरूरत है। दो गज की दूरी, मास्क लगाना, इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए। हमारे देश की आबादी कई देशों से ज्यादा है, इसलिए चुनौतियां भी ज्यादा हैं, लेकिन हमारे यहां काफी कम नुकसान हुआ है। जो कुछ हम बचा पाएं हैं, वो सामूहिक कोशिश से हुआ है।’’ प्रधानमंत्री ने इससे पहले 29 मार्च और फिर 26 अप्रैल को मन की बात की थी। उन्होंने कहा कि कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कोरोना महामारी के असर से प्रभावित नहीं हुआ है। गरीबों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। कौन ऐसा होगा जो उनकी तकलीफ नहीं समझेगा। पूरा देश उन्हें समझने में लगा है। हर विभाग के कर्मचारी उनके लिए जुटे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘रेलवे के कर्मचारी कोरोना वॉरियर्स ही हैं। मजदूरों को भेजने, खाने-पीने, टेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है। मजदूर अपने गांव की तरफ जा रहे हैं। मेरा मानना है कि गांवों में नवोद्योगों की कई संभावनाएं खुली हैं। हमारे गांव, जिले, राज्य आत्मनिर्भर होते तो समस्या इस रूप में नहीं आई होती जो आज हमारे सामने खड़ी है।’’ हमारी सबसे बड़ी ताकत देशवासियों की सेवा है। हमारे यहां सेवा परमो धर्म कहा गया है। दूसरों की सेवा में लगे व्यक्ति में कोई डिप्रेशन नहीं दिखता। उसके जीवन में जीवंतता प्रतिपल नजर आती है। डॉक्टर, मीडिया, नर्सिंग स्टाफ, पुलिस जो सेवा कर रहे हैं, उनकी मैंने कई बार चर्चा की है। इनकी संख्या अनगिनत हैं। अगरतला के ठेला चलाने वाले एक व्यक्ति रोज अपने घर से खाना बनाकर लोगों को बांट रहा है। देश के कई इलाकों से सेवा की कहानियां सामने आ रही हैं। हमारी मांएं-बहनें लाखों मास्क बना रही हैं। कई लोग मुझे नमो ऐप पर मुझे अपने प्रयासों के बारे में बता रहे हैं। मैं समयाभाव के चलते कई लोगों का नाम नहीं ले पाता, पर उनका तहेदिल से अभिनंदन करता हूं। हम सबको ध्यान रखना होगा कि कितनी तपस्या के बाद देश पटरी पर लौटा है। आपको, आपके परिवार को कोरोना से उतना ही खतरा हो सकता है। दो गज की दूरी, मास्क, हाथ धोने का उसी तरह पालन करते रहें। विश्वास है कि आप, अपनों और देश के लिए ये सावधानियां जरूर रखेंगे। हमारे डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया के साथी ये सब जो सेवा कर रहे हैं, उसकी चर्चा मैंने कई बार की है। मन की बात में भी मैंने उसका जिक्र किया है। सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है। पीएम के संबोधन के बाद अब यही लग रहा है कि मन की बात के जरिये अपनी सरकार और उनके चलाये जा रही योजनाओं का ही केवल जिक्र किया। जनता को जिस घोषणा की आशा थी वह पूरा नहीं हो सका।
