
नयी दिल्ली से सुमन यादव की रिपोर्टः-
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने भगवान जगन्नाथ के भक्तों की अर्जी मंजूर कर ली है। जगन्नाथ पुरी में कल रथयात्रा निकलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यात्रा की इजाजत दे दी है, श्रद्धालु शामिल नहीं हो पाएंगे। कोर्ट ने कहा है कि मंदिर कमेटी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के को-ऑर्डिनेशन में यात्रा निकालें, लेकिन लोगों की सेहत से समझौता नहीं होना चाहिए। अगर हालात बेकाबू होते दिखें तो ओडिशा सरकार यात्रा को रोक सकती है। साथ ही कहा कि पुरी के अलावा ओडिशा में कहीं और यात्रा नहीं निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक यात्रा की तैयारियों को लेकर मीटिंग की। ओडिशा सरकार ने पुरी में आज रात 9 बजे से बुधवार दोपहर दो बजे तक कम्पलीट लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून को यात्रा पर रोक के आदेश दिए थे। इस पर केंद्र सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर कर कहा था कि श्रद्धालुओं को शामिल किए बिना यात्रा निकाली जा सकती है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रथयात्रा करोड़ों लोगों की आस्था का मामला है। भगवान जगन्नाथ कल बाहर नहीं आ पाए तो फिर 12 साल तक नहीं निकल पाएंगे, क्योंकि रथयात्रा की यही परंपरा है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा था कि एक दिन का कर्फ्यू लगाकर यात्रा निकाली जा सकती है। ओडिशा सरकार ने भी इसका समर्थन किया था कि कुछ शर्तों के साथ आयोजन हो सकता है। इस मामले में सरकार की याचिका से पहले भी 6 रिव्यू पिटीशन लग चुकी थीं।
पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि इस मामले में दोबारा विचार करें। सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून को रथयात्रा पर रोक के फैसले में कहा था कि कोरोना महामारी के समय यात्रा की परमिशन दी तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी माफ नहीं करेंगे। कोर्ट ने कहा था कि जब महामारी फैली हो, तो ऐसी यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती, जिसमें भारी भीड़ आती हो। लोगों की सेहत और उनकी हिफाजत के लिए इस साल यात्रा नहीं होनी चाहिए। चीफ जस्टिस की बेंच ने ओडिशा सरकार से कहा कि इस साल राज्य में कहीं भी रथ यात्रा से जुड़े जुलूस या कार्यक्रमों की इजाजत न दी जाए।जगन्नाथ मेले और रथ यात्रा का आयोजन इस वर्ष नहीं होगा. राजधानी रांची के एचईसी में 23 जून को होनेवाली ऐतिहासिक रथ यात्रा पर ग्रहण लग चुका है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का असर रांची के जगन्नाथ रथ मेले पर भी पड़ा है, जिसे लेकर लोगों में मायूसी है. रांची के जगन्नाथपुर में साल 1691 से निकल रही रथ यात्रा इस बार नहीं निकलेगी. 1691 से धुर्वा के जगन्नाथपुर मंदिर परिसर से निकलने वाली इस रथ यात्रा के दौरान भव्य मेला भी लगता है. लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से इस बार न यात्रा निकलेगी और न ही मेले का आयोजन होगा. हालांकि मंदिर में अनुष्ठान किया जाएगा। मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रजभूषण नाथ मिश्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार इस वर्ष रथ मेले का आयोजन नहीं होगा. जो भी अनुष्ठान होंगे वो मंदिर के अंदर ही संपन्न किए जाएंगे. इसमें कोई भी श्रद्धालु शामिल नहीं होंगे. वहीं उन्होंने कहा कि रथ यात्रा का आयोजन भले नहीं होगा, लेकिन अन्य अनुष्ठान जरूर होंगे. 22 जून को भगवान जगन्नाथ का नेत्र दान हुआ। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम को लेकर ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर भी कोर्ट ने विचार करने का
