

मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड की राजनीति में बाहरी और भीतरी के सवाल पर हमेशा ही राजनीतिक रोटी सेंकी जाती रही है और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव का बयान कांग्रेस और महागठबंधन के लिये गले की फांस बन गया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के खिलाफ कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर आपत्ति जताते हुए अपने ट्विटर अकांउट पर विरोध जताया है। रांची में बिहारियों के कब्जे से संबंधित प्रदेश अध्यक्ष के बयान का विरोध करते हुए विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि ये किसी एक व्यक्ति विशेष की सोच हो सकती है, कांग्रेस की नहीं।
भारतीय इतिहास की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस आज भी जोड़ने में विश्वास रखती है, तोड़ने में नहीं। जब भारत एक है तो इसके हर राज्य, हर जिले, हर धर्म-जाति के लोग भी एक हैं। विधायक ने इस ट्वीट को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और आरपीएन सिंह के साथ साझा किया है।रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को कहा था कि रांची में बिहार के लोग भर गए हैं। यहां मारवाड़ी बस गए हैं। रांची की जमीन दूसरे लोगों के हाथों में चली गई है। यहां के आदिवासी कमजोर हो गए हैं। इस कारण उनका शोषण हो रहा है। उन्होंने इस दौरान आदिवासी के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की वकालत की थी और कहा था कि सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। रामेश्वर उरांव के इस बयान के बाद बीजेपी के नेता भी कांग्रेस की मानसिकता को लेकर घेर रहे हैं।
