मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
नयी दिल्ली / रांची: कोयला कर्मचारियों को इस साल खुशखबरी नसीब नहीं होनेवाली है। कायला कर्मचारियों को अनपने वेतन बढ़ोतरी के लिये अगले साल तक इंतजार करना होगा। कोल इंडिया में वेतन समझौते को लेकर गठित ज्वांइट बाइपरटाइट कमेटी आफ कोल इंडस्ट्रीज (जेबीसीसीआइ-11) की दूसरी बैठक सोमवार को नई दिल्ली में बेनतीजा रही। चार घंटे तक हुए मंथन के बाद भी कोई हल न निकला। अब अगली बैठक में कामन चार्टर आफ डिमांड पर चर्चा होगी। यह बैठक 2022 में होगी। जेबीसीसीआइ के एचएमएस शिवकांत पांडे की ओर से यह जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद कुमार अग्रवाल ने की। इसमें एटक, बीएमएस, सीटू व एचएमएस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।बैठक के दौरान श्रम संगठनों ने प्रबंधन को घेरने की तैयारी कर रखी थी। श्रमिक संगठन कोयला कर्मचारियों के लिए वेतन में 50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वार्षिक छह प्रतिशत की वृद्धि की मांग कर रहे हैं। वेतन समझौता को लेकर ड्राफ्ट तैयार करने को लेकर कमेटी गठन पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद थी। प्रबंधन के सामने मजदूरों संगठनों ने प्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं। मजदूर संगठनों को आशा है कि जल्द ही जेबीसीसीआई के तहत कोई समाधान निकलेगा
