

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव
रांची: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक दूबे केवल राजनीतिक क्षेत्र में ही नहीं अपनी भूमिका अदा करते हैं बल्कि सामाजिक और धार्मिक कार्यो में भी बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। सरहूल पूजा के जुलूस के मौक पर भी आलोक दूबे ने जूलूस के स्वागत में बढ़चढ़कर अपनी भूमिका अदा करते हुए दिखे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे एवं विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की ओर से छप्पन सेट चौंक डोरंडा में स्वागत शिविर लगाकर सरहुल शोभायात्रा जुलूस का भव्य स्वागत किया।
घाघरा, गोसाईं टोली,नामकोम,सदाबहार चौंक,कुसाई बस्ती से पारंपरिक रीति रिवाज के साथ पूजा अर्चना के उपरांत संध्या में सामूहिक नृत्य करते हुए शोभायात्रा निकाली गई। लाल व सफेद रंग के पट्टेदार साड़ियां पहनी महिलाएं जबकि धोती और गंजी पहने पुरुष मांदर की थाप पर नाचते गाते विशाल शोभायात्रा जुलूस निकाला। शोभायात्रा जुलूस का छप्पन सेट चौंक पर कांग्रेस नेताओं ने आम जनों के साथ मिलकर शोभायात्रा में सम्मिलित आदिवासी भाई बहनों का स्वागत किया,चना गुड़ व शरबत पेश किया। अबीर गुलाल लगाए एवं सरहुल अंग वस्त्र तथा पुष्प माला भेंट कर स्वागत किया।
इस मौके पर आलोक कुमार दूबे ने शोभायात्रा जुलूस में शामिल स्थानीय पार्षद कुमारी मारग्रेट, संजय मिंज,बबलू कुजूर,सुनील फकीरा कच्छप,लक्ष्मण कच्छप समेत कई गणमान्य व सरहुल पूजा समिति से जुड़े पदाधिकारियों का स्वागत किया। मौके पर कांग्रेस नेता अभिषेक साहू, संजीत यादव, फिरोज रिजवी मुन्ना,महेन्द्र प्रसाद, श्याम पाण्डेय, अमोल कुमार,मुकेश छेत्री,दिलीप कुमार,नीरज कुमार भी उपस्थित थे। स्वागत समारोह के दौरान कांग्रेस नेता आलोक दूबे ने कहा पिछले 2 साल के बाद सरहुल मनाए जाने को लेकर अद्भुत उत्साह,उमंग, उल्लास का वातावरण रहा। शांति सद्भाव प्रेम भाईचारगी व सबसे अधिक प्रकृति की उपासना का संदेशवाहक है सरहुल महोत्सव।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से छप्पन सेट चौंक पर स्वागत समारोह आयोजित करने की परंपरा रही है जिसे आज भी निर्वहन किया जाता है। आदिवासी और गैर आदिवासी सभी मिलकर सरहुल सामूहिक महोत्सव में शामिल होते हैं और खुशियां मनाते हैं। और यही हमारी झारखंडी संस्कृति की अद्वितीय मिशाल है।
