साहेबगंज जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव से सात घंटे से अधिक समय तक ईडी कर रही है पुछताछ, अवैध उत्खनन से जुड़े तार की कर रही है खोजबीन

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मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची : साहिबगंज के उपायुक्त रामनिवास यादव से लगभग सात घंटे से भी अधिक समय से ईडी अवैध माइनिंग को लेकर पुछताछ कर उसकी कड़ियां खंगाल रही है। ईडी कार्यालय में लागातार रामनिवास यादव से पुछताठ की जा रही है। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के अवैध माइनिंग मामले में ईडी के सवालों का जवाब देने के लिए साहेबगंज जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव ईडी के हीनू स्थित रिजनल ऑफिस पहुंचे। ईडी ने इस अवैध खनन मामले में राजनेताओं के साथ-साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता भी पायी थी। जिसके बाद से उन सभी से पूछताछ कर रही है।

अवैध खनन मामले में जांच और पूछताछ कर रही ईडी की टीम ने पाया है कि 2020 के अप्रैल महीने से मार्च 2022 तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का अवैध खनन हुआ है। ये सभी खनन जेएमएम नेता पंकज मिश्रा के संरक्षण में हुआ है। उसके इस अवैध खनन को उपायुक्त रामनिवास यादव सहित कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सहयोग दिया था। जिस अवधि में हुए अवैध खनन की जांच ईडी कर रही है, उस पूरे टर्म में रामनिवास यादव साहेबगंज जिले के डीसी रहे हैं। अवैध खनन मामले में सीएम हेमंत सोरेन से भी पूछताछ हो चुकी है। उनसे ईडी ने 17 नवंबर को पूछताछ की है। इस दौरान ईडी के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि साहेबगंज में हो रहे अवैध खनन की मुझे जानकारी नहीं थी। अगर वहां ऐसा हो रहा था तो जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन क्या कर रही थी। सीएम के इस जवाब के बाद से उपायुक्त रामनिवास यादव ईडी की नजर में आ गए थे। जिसके बाद ईडी ने उन्हें नोटिस भेज कर ईडी कार्यालय में हाजिर होने को कहा था।

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