झारखंड सरकार गिराने की साजिश मामले में कांग्रेस के 3 एमएलए को ईडी ने भेजा दूसरा समन, जामताड़ा के विधायक इरफान अंसारी को छह फरवरी को ईडी ने फिर से बुलाया

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची : ईडी कांग्रेस के तीनों विधायकों को जल्द से जल्द पुछताछ करना चाहती है। हेमंत सोरेन की सरकार को गिराने के लिये साजिश रचनेवाले का तीनों विधायकों पर आरोप है। झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार गिराने की साजिश रचने के मामले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने कांग्रेस के तीनों ही विधायकों को पूछताछ के लिए दूसरा समन भेज दिया है। अब जामताड़ा के कांग्रेसी विधायक डा. इरफान अंसारी को पूछताछ के लिए छह फरवरी को बुलाया गया है। वहीं, सात फरवरी को खिजरी के विधायक राजेश कच्छप व आठ फरवरी को कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी को पूछताछ के लिए ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में बुलाया गया है। इससे पहले तीनों को क्रमशः 13, 16 व 17 जनवरी को पूछताछ के लिए ईडी ने पहला समन भेजा था। तब तीनों ने ही अपने वकीलों के माध्यम से ईडी से पत्राचार कर दो-दो हफ्ते का समय मांगा था।

किसी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था तो किसी ने व्यस्तता की बात बताई थी।तीनों ही आरोपित कांग्रेसी विधायकों को गत वर्ष 30 जुलाई को कोलकाता पुलिस ने 49 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। तब यह बात सामने आई थी कि तीनों ही विधायकों ने झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार गिराने की साजिश रची है। उसके बाद बेरमो से कांग्रेस के विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा में जीरो एफआइआर दर्ज कराकर तीनों ही विधायकों पर यह आरोप लगाया था कि उनलोगों ने उन्हें भी दस करोड़ रुपये व मंत्री पद का आफर दिया था।सरकार गिराने की साजिश मामले में नेतृत्व का आरोप असम के मुख्यमंत्री हिमंत ब‍स्वि सरमा पर लगाया था। हालांकि, तीनों ही विधायकों ने इन आरोपों को एक बार खारिज कर दिया है। अब ईडी यह जानने का प्रयास करेगी कि उनपर लगे आरोपों में क्या सच्चाई है और किसने क्या पहल की थी। इस पूरे प्रकरण में गत वर्ष 24 दिसंबर को ईडी ने कांग्रेसी विधायक अनूप सिंह का बयान ले लिया था।जिन तीनों विधायकों को ईडी ने पूछताछ के लिए समन किया है, उन्हें पूछताछ में शामिल होने से पहले अपनी संपत्ति का ब्यौरा ईडी को सौंपना है। उन्हें यह बताना है कि विधायक बनने के बाद उन्होंने कितनी संपत्ति अर्जित की। उन्हें अपने व अपने परिवार के नाम पर अर्जित चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा भी देना है।

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