झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का नया संकल्प,अबुआ दवाखाना योजना को मिली स्वीकृति,राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम के तहत 24 जिलों में 745 अबुआ मेडिकल स्टोर स्थापित किए जाएंगे, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया स्वास्थ्य के क्षेत्र में दूरगामी कदम

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और जनसुलभ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने “अबुआ दवाखाना योजना” को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत झारखंड के सभी 24 जिलों में 745 “अबुआ मेडिकल स्टोर” स्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस योजना से गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचेगा।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने योजना को स्वास्थ्य क्षेत्र में दूरगामी और क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अबुआ दवाखाना योजना का उद्देश्य गरीब मरीजों को राहत पहुंचाना और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के आसपास इन मेडिकल स्टोरों की स्थापना की जाएगी। इससे मरीजों को इलाज के साथ-साथ एक ही स्थान पर आवश्यक दवाइयां भी आसानी से मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इन स्टोरों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों सहित सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। इरफान अंसारी ने कहा कि कई बार गरीब मरीज महंगी दवाइयों के कारण इलाज अधूरा छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यह योजना उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग करेगी। आने वाले समय में इन मेडिकल स्टोरों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे दवाइयों की उपलब्धता और स्टॉक की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अब तक कई गांवों में लोगों को दवाइयों के लिए शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि यदि योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया गया, तो झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बढ़ेगा और चिकित्सा सुविधाएं अधिक सुलभ बनेंगी।
“अबुआ दवाखाना योजना” को झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। 24 जिलों में 745 मेडिकल स्टोर स्थापित करने की यह पहल राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उम्मीद और बदलाव का संदेश दे रही है। सरकार का यह कदम “स्वस्थ झारखंड” के लक्ष्य को मजबूत आधार देने वाला माना जा रहा है।

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