हरमू चौक पर डंपिंग यार्ड के कचरे से भरे जा रहे गड्ढे, दुर्गंध से लोग परेशान, पूर्व पार्षद अरूण झा का आरोप

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: रांची के हरमू चौक क्षेत्र में विकास कार्य के दौरान गड्ढों को भरने के लिए कथित तौर पर डंपिंग यार्ड के कचरे का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। हरमू के पूर्व पार्षद अरुण कुमार झा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस कार्य से आसपास के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल गई है। अरुण कुमार झा ने आरोप लगाया कि हरमू कॉलोनी स्थित हरमू चौक पर झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा पूर्व में विकास कार्य के नाम पर गड्ढा बनाया गया था। अब उस गड्ढे को भरने के लिए रांची नगर निगम की ओर से झिरी स्थित डंपिंग यार्ड से लाए गए कचरे का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि पिछले लगभग एक सप्ताह से यह कार्य लगातार जारी है और आने वाले कई दिनों तक इसके जारी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कचरे से गड्ढा भरने के कारण पूरे इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही है। हरमू चौक के आसपास रहने वाले लोग, दुकानदार, राहगीर और स्थानीय व्यवसायी इस बदबू से बेहद परेशान हैं। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, जबकि आसपास के व्यापार पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पूर्व पार्षद ने कहा कि यदि विकास कार्य करना ही है तो इसके लिए वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके अपनाए जाने चाहिए। गड्ढे को भरने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश कचरे का उपयोग किया जा रहा है तो नगर निगम को पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर और अन्य कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव कराना चाहिए, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।

अरुण कुमार झा ने कहा कि नगर निगम की इस कार्यशैली से स्थानीय लोग काफी दुखी और नाराज हैं। उनका आरोप है कि जनस्वास्थ्य की अनदेखी कर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से अविलंब मामले का संज्ञान लेने और लोगों की परेशानी को दूर करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि लगातार फैल रही दुर्गंध के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के मौसम में संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। पूर्व पार्षद ने नगर निगम और संबंधित विभाग से मांग की है कि गड्ढे को कचरे के बजाय उपयुक्त मिट्टी से भरा जाए। यदि ऐसा संभव नहीं है तो नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर, चूना और अन्य आवश्यक रसायनों का छिड़काव कर क्षेत्र को दुर्गंधमुक्त बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर आंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।

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