संत रविदास की जन्मस्थली से आई पावन मिट्टी का रांची में भव्य स्वागत, कलश वंदन यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

Jharkhand उत्तरप्रदेश झारखण्ड देश बिहार राजनीति साहित्य-संस्कृति


मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची : संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी के समरसता अभियान के तहत उनकी जन्मस्थली से लाई गई पावन मिट्टी के कलश का शुक्रवार को राजधानी रांची में भव्य स्वागत किया गया। पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ मंदिर से लेकर पहाड़ी मंदिर तक निकाली गई विशाल कलश वंदन यात्रा में हजारों श्रद्धालु, भाजपा कार्यकर्ता और रविदास समाज के लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर पावन कलश का स्वागत किया तथा गुरु रविदास जी के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वनाथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पावन मिट्टी के कलश की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों, भगवा ध्वज और धार्मिक नारों के बीच विशाल कलश वंदन यात्रा निकाली गई। यात्रा पिस्का मोड़ से होते हुए पहाड़ी मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धापूर्वक कलश को स्थापित किया गया। आयोजन समिति के अनुसार यह पावन कलश आगामी चार दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ पहाड़ी मंदिर परिसर में रखा जाएगा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, रविदास महासभा के पदाधिकारियों तथा सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धा व्यक्त की। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी से आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश देता नजर आया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास केवल संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और आत्मसम्मान के महान प्रवर्तक थे। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकात्मता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। भाजपा उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि संत रविदास का जीवन मानवता, सेवा और सामाजिक न्याय का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी जन्मस्थली से आई पावन मिट्टी का झारखंड आगमन पूरे राज्य के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान समाज को जोड़ने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि संत रविदास ने अपने कर्म, भक्ति और विचारों से समाज को नई दिशा दी तथा ऊंच-नीच और भेदभाव के विरुद्ध समानता का संदेश दिया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि व्यक्ति की महानता उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके विचार, चरित्र और कर्म से तय होती है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि गुरु रविदास ने समाज के वंचित वर्गों में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना जगाई तथा उनके विचार सामाजिक न्याय पर आधारित भारत की मजबूत नींव हैं। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी और मनोज सिंह, रांची विधायक सी.पी. सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची की महापौर रौशनी खलखो, उपमहापौर नीरज कुमार, भाजपा रांची महानगर के जिलाध्यक्ष वरुण साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि 15वीं शताब्दी के महान संत एवं समाज सुधारक गुरु रविदास ने समता, सद्भाव, श्रम की गरिमा, मानव सेवा और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध विचार मन चंगा तो कठौती में गंगा तथा बेगमपुरा की परिकल्पना आज भी सामाजिक समानता और न्यायपूर्ण समाज की प्रेरणा मानी जाती है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने गुरु रविदास के आदर्शों पर चलने तथा समरस, समानतामूलक और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *