
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने कांग्रेस पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से श्रावणी माह का हवाला देकर एसआईआर की अवधि 15 दिनों तक बढ़ाने की मांग उसके राजनीतिक उद्देश्य को उजागर करती है। उनका आरोप है कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को लंबा खींचकर बांग्लादेशी घुसपैठियों और अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना चाहती है। शोभा यादव ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में रखना तथा अपात्र लोगों के नाम हटाना है। ऐसे समय में कांग्रेस द्वारा बार-बार अवधि बढ़ाने की मांग करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि श्रावणी माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए जाते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया जाए। यदि किसी मतदाता को दस्तावेज उपलब्ध कराने या सत्यापन कराने में कठिनाई होती है तो निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए केवल श्रावणी माह का हवाला देकर पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग उचित नहीं कही जा सकती।
भाजपा प्रवक्ता शोभा यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार उन मुद्दों को उठाती रही है, जिनका संबंध अवैध घुसपैठियों और संदिग्ध मतदाताओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, सीमाओं की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की शुचिता सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों के नाम ही शामिल हों, यह प्रत्येक राजनीतिक दल और नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि मतदाता सूची पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित होनी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में अवैध तरीके से नाम जोड़ने या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराने का प्रयास होता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के हर प्रयास का समर्थन करती रहेगी।
शोभा यादव ने कांग्रेस से यह भी पूछा कि यदि एसआईआर का उद्देश्य केवल पात्र मतदाताओं का सत्यापन करना है, तो फिर इस प्रक्रिया का विरोध या अवधि बढ़ाने पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस वर्ग के लोगों के लिए अतिरिक्त समय चाहती है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस का रुख उसकी मंशा पर संदेह पैदा करता है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करें, आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं और मतदाता सूची को शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि मतदान का अधिकार केवल पात्र भारतीय नागरिकों तक सीमित रहे।
उधर, कांग्रेस की ओर से पहले यह मांग की गई है कि श्रावणी माह के दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक यात्रा और पूजा-अर्चना में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए निर्धारित समय-सीमा को 15 दिनों तक बढ़ाया जाए ताकि कोई भी पात्र मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया से वंचित न रह जाए। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
