
मुखर संवादके लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में ओथ फाउंडेशन ने सराहनीय पहल की है। सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के तहत फाउंडेशन की ओर से बरियातू रोड स्थित सीएम एक्सीलेंस ऑफ स्कूल रांची परिसर में जागरूकता एवं निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गयी, वहीं 100 जरूरतमंद बालिकाओं के बीच निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन पैड वितरित किये गये। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को माहवारी के दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना तथा पीरियड्स से जुड़े सामाजिक संकोच और भ्रांतियों को दूर करना था। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी रूपम झा ने छात्राओं से संवाद करते हुए माहवारी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज भी समाज के कई हिस्सों में माहवारी को लेकर खुलकर बातचीत नहीं की जाती है। झिझक और गलत धारणाओं के कारण कई बालिकाएं आवश्यक स्वच्छता उपायों को अपनाने में संकोच करती हैं। ऐसे में जागरूकता के साथ-साथ उन्हें जरूरी स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराना भी बेहद महत्वपूर्ण है। रूपम झा ने कहा कि माहवारी एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है, इसे लेकर किसी तरह की शर्म या संकोच की आवश्यकता नहीं है। इस दौरान साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने से संक्रमण सहित कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। स्वच्छ एवं सुरक्षित सेनेटरी पैड का इस्तेमाल बालिकाओं को संक्रमण से बचाने में मदद करता है। साथ ही इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और पढ़ाई एवं दैनिक गतिविधियों में उनकी निरंतरता बनी रहती है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ओथ फाउंडेशन के ट्रस्टी दीपक बांका, दीपा बांका तथा सीएम एक्सीलेंस ऑफ स्कूल रांची की मैनेजर नीता पांडे मौजूद थीं। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ओथ फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर समाज में जागरूकता फैलाना सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्य अतिथियों ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में महिलाओं और बालिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए उनके स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देना जरूरी है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित परिवारों की बालिकाओं तक स्वच्छता संबंधी आवश्यक सामग्री की आसान पहुंच सुनिश्चित करना समय की मांग है। कई परिवारों में आर्थिक कारणों से बालिकाओं को पर्याप्त स्वच्छता सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती, जिसका असर उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी पड़ सकता है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी रूपम झा, आशुतोष द्विवेदी, संजीत गाड़ी, अमित कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता संबंधी जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक किया और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। ओथ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्था सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। बालिकाओं के स्वास्थ्य और महिला स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों को आगे भी व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बालिकाओं तक सहायता और जागरूकता पहुंचाई जा सके।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रशासन की ओर से ओथ फाउंडेशन के सदस्यों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस पहल ने न केवल जरूरतमंद बालिकाओं को स्वच्छता सामग्री उपलब्ध करायी, बल्कि माहवारी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर खुलकर संवाद और जागरूकता की जरूरत को भी रेखांकित किया।
